छत से गिरकर फर्श पर पसरा पानी स्कूल की हालत बयां करता है. लेकिन प्राइमरी एजुकेशन के डायरेक्टर राम कृष्ण उनियाल कहते हैं कि स्कूल की हालात देखकर एस्टिमेट बनाएंगे, मगर कब बनेगा कह नहीं सकते. इस स्कूल का यह हाल तब है, जब मेयर का घर चंद कदम की दूरी पर है, सूबे के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी बमुश्किल 1 किमी के दायरे में रहते हैं.
