देहरादून. उत्तराखंड में जंगल की आग से लगातार तबाही होने की खबरें हैं. लगातार तापमान बढ़ने से 19 अप्रैल को राज्य में कई ज़िलों से वनों की आग फैलने की खबरें आईं. मंगलवार को वनों में आग लगने की कम से कम 117 घटनाएं रिपोर्ट हुईं, जिनमें बड़े पैमाने पर जंगल खाक हुए. इस तबाही का एक वीडियो पौड़ी गढ़वाल ज़िले से सामने आया, जिसमें श्रीनगर स्थित वीरचंद्र गढ़वाली मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल तक जंगल की आग पहुंचती हुई साफ दिखाई दी.
समाचार एजेंसी एएनआई ने वीडियो जारी किया, जिसमें मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में आग की लपटें दिखाई दीं. हालांकि इस घटना में किसी जान के नुकसान की खबर नहीं है. इधर, वन विभाग के डेटा की मानें तो गढ़वाल मंडल में वनों में आग लगने की 117 घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें से गढ़वाल में 32 और कुमाऊं में 75 घटनाएं जबकि 10 घटनाएं वाइल्डलाइफ क्षेत्र में भी रिपोर्ट हुईं. एक दिन पहले यानी बीते सोमवार को फॉरेस्ट फायर की 27 घटनाएं रिपोर्ट हुई थीं.
अब तक कितने जंगल जल गए?
समाचार एजेंसी ने पीटीआई को फॉरेस्ट फायर व आपदा प्रबंधन विभाग के मुख्य वन संरक्षक निशांत वर्मा ने बताया कि इस साल 15 फरवरी से फायर सीज़न शुरू हुआ और अब तक राज्य में 1020 हेक्टेयर से ज़्यादा जंगल प्रभावित हो चुका है. इसमें से 724.93 हेक्टेयर तो रिज़र्व फॉरेस्ट क्षेत्र है. मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने वन विभाग से स्थानीय लोगों की मदद लेकर आग पर काबू पाने के निर्देश दिए थे. अब आपको ज़िलेवार ताज़ा स्थिति भी बताते हैं.
#WATCH | Forest fire reaches boys hostel of Veer Chandra Singh Garhwali Government Institute Of Medical Science and Research in Srinagar, Uttarakhand pic.twitter.com/cHdXcFXeKk
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) April 19, 2022
आग पर लापरवाह वन विभाग!
बागेश्वर से सुष्मिता थापा की रिपोर्ट है कि हकीकत में वनों की आग को रोकने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे. ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने में लगे हैं, तो बार बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग के कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच रहे. ग्रामीण बिना संसाधनों के नंगे पैर आग बुझाते तक देखे जा रहे हैं लेकिन विभाग लापरवाह बना हुआ है. धुएं से क्षेत्र में गहरी धुंध छा गई है, जिससे स्थानीय लोगों को सांस की तकलीफ हो रही है और मार्ग में विज़िबिलिटी भी कम है.
नैनीताल में जंगल और जानवर खतरे में
वीरेंद्र बिष्ट ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि नैनीताल में आग से जंगल खाक होने लगे हैं. हनुमानगढ़ी के जंगल में लगातार आग लगी हुई है. पिछले 24 घंटों से ज़्यादा समय से लगी आग में सैकड़ों हैक्टेयर जंगल स्वाहा हो गया. जंगली जानवरों को भी नुकसान हो रहा है. वन विभाग आग पर काबू पाने में नाकाम रहा है. जंगल जलने से आस पास धुआं फैलने से रिहाइशी इलाकों में दिक्कतें पेश आ रही हैं.
अल्मोड़ा में खाक हो रहे दर्जन भर जंगल
इसी तरह, किशन जोशी की रिपोर्ट बताती है कि अल्मोड़ा ज़िले में दर्जन भर जंगलों में आग लगी हुई है. सल्ट के मनिला में पिछले तीन दिनों से जंगल जल रहे हैं लेकिन बुझाने वाला कोई नही है. सल्ट में रेंज ऑफिस के पास का जंगल जल रहा है तो धौलादेवी, सल्ट, द्वाराहाट, और ताड़ीखेत में अधिकांश जंगल जल रहे हैं.
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Tags: Forest fire, Uttarakhand Forest Department









