देहरादून. उत्तराखंड में चार धाम यात्रा में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर हो रही हलचल के बीच विश्व हिन्दू सुरक्षा संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अब भारत मे हिन्दू ईशनिंदा कानून लागू करने की मांग की है. विश्व हिंदू सुरक्षा बल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश में यह कानून लागू करने की अपील की. उनका कहना है कि देश की संस्कृति और हिंदूवाद को बचाने के लिए इस कानून की ज़रूरत है.
देहरादून के प्रेस क्लब में अमित योगी ने देश में हिन्दू ईशनिंदा कानून लागू करने की मांग रखते हुए कहा कि देश में एक विशेष जाति, धर्म के लोग हिन्दुओं के त्योहारों, मठ, मन्दिरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. विश्व हिंदू सुरक्षा बल का मानना है कि देश भर में जिस तरह हिंदुओं के त्योहारों की आलोचना की जा रही है और जिस तरह हाल में दिल्ली, रुड़की और अन्य जगहों पर हनुमान जयंती के मौके पर पथराव किया गया, इस स्थिति में यह कानून बहुत जरूरी है.
विश्व हिंदू सुरक्षा संगठन ने हिंदू ईशनिंदा कानून लागू करने की मांग उठाई है.
क्या है हिन्दू ईशनिंदा कानून?
दरअसल, ब्रिटिश शासनकाल के दौरान बनाया गया ये आम क़ानून था. इसके तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी पूजा करने की वस्तु या जगह को नुकसान या फिर धार्मिक सभा में खलल डालता है तो उसे दंड का प्रावधान होता है. साथ ही, अगर कोई किसी की धार्मिक भावनाओं का अपमान, बोलकर या लिखकर या कुछ दृश्यों से करता है तो उसे गैरक़ानूनी माना जाता है.
योगी का कहना है मुस्लिम देशों में जिस तरह से उनके धर्म के लिए कानून बने हैं. उनके धर्म के लिए कोई भी व्यक्ति कुछ कहता है या उसका अपमान करता है, तो उसको कठोर सजा मिलती है. ठीक इसी प्रकार से अब देश मे भी हिन्दू ईशनिंदा कानून की आवश्यकता है. योगी ने मांग रखी कि इस कानून के तहत दोषी को मृत्यु दंड तक का प्रावधान होना चाहिए.
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