भविष्य की तकनीक: श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय ‘ जी आई एस और रिमोट सेंसिंग ‘ कार्यशाला संपन्न

SGRR University की कार्यशाला में छात्रों ने सीखे GIS और Remote Sensing के गुरु

​देहरादून — श्री गुरु राम राय (SGRR) विश्वविद्यालय के मानविकी और सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत भूगोल और अर्थशास्त्र विभागों द्वारा आयोजित पांच दिवसीय तकनीकी कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। 29 अप्रैल से 4 मई, 2026 तक चली इस कार्यशाला का मुख्य विषय जीआईएस (GIS) और रिमोट सेंसिंग था।
​इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक भू-स्थानिक (Geospatial) तकनीकों से जोड़ना और उन्हें डेटा विश्लेषण व मैपिंग के व्यावहारिक प्रशिक्षण में दक्ष बनाना था।​

तकनीकी कौशल पर जोर

​कार्यशाला के दौरान भारतीय रिमोट सेंसिंग संस्थान (IIRS), देहरादून के वैज्ञानिक कपिल ओबेराय ने ‘जियोइंफॉर्मेटिक्स’ पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया। उन्होंने बताया कि आज के दौर में पर्यावरण प्रबंधन, शहरी नियोजन (Urban Planning) और आपदा प्रबंधन में इस तकनीक की भूमिका कितनी अनिवार्य हो गई है। उन्होंने छात्रों को आधुनिक उपकरणों के साथ ‘हैंड्स-ऑन’ ट्रेनिंग पर विशेष जोर दिया।​मुख्य वक्ता अमित वोरा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जियोइंफॉर्मेटिक्स एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसमें करियर की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

प्रमुख शिक्षण बिंदु

​पांच दिनों के इस गहन प्रशिक्षण में छात्रों ने निम्नलिखित विषयों पर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया:
जीआईएस के बुनियादी सिद्धांत: स्थानिक डेटा को समझने की बारीकियां।
सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण: मैपिंग और डेटा विश्लेषण के लिए उपयोग होने वाले टूल्स।
सतत विकास: योजना निर्माण और स्थिरता में डेटा का उपयोग।

​प्रोफेसर गीता रावत ने कार्यशाला के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से छात्रों की विश्लेषणात्मक और समस्या समाधान की क्षमता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम का समापन डॉ. सुरेंद्र कौर रावल द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

also read –Top Expensive Schools: देश के टॉप 5 महंगे स्कूल, फीस सुनकर उड़ जाएंगे होश!