क्या है पूरा मामला? (Delhi High Court)
दरअसल, मणिपुर का माहौल अभी भी परीक्षा के आयोजन के लिहाज से ठीक नहीं है। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने यूपीएससी परीक्षा के लिए इंफाल को सेंटर चुना था, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में एक याचिका दायर की गई, जिसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मणिपुर के छात्रों को सेंटर बदलने की अनुमति दी है। हालांकि, याचिका में इंफाल की जगह सेंटर चुराचांदपुर और कांगपोकपी में बनाने की बात कही गई थी। इस पर हाई कोर्ट ने कहा कि सरकार वहां सेंटर बनाने में सक्षम नहीं है लेकिन इसके बदले मणिपुर के छात्रों को सेंटर बदलने की इजाजत दी गई।
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अभ्यर्थी चुन सकते हैं इन केंद्रों में से एक (UPSC Aspirant Can Choose Centre)
मणिपुर के यूपीएससी अभ्यर्थी (Manipur UPSC Aspirants) आइजोल, मिज़ोरम में से किसी भी केंद्र को चुन सकते हैं। वहीं आयोग ने कहा कि कोहिमा, शिलांग, दिसपुर, जोरहाट, कोलकाता के लिए दिल्ली में 8-19 अप्रैल के बीच ई-मेल के माध्यम से परीक्षा केंद्र बदलने का अनुरोध कर सकते हैं।
क्या यूपीएससी अभ्यर्थी बदल सकते हैं सेंटर? (Can UPSC Aspirant Choose Centre)
यूपीएससी अभ्यर्थी (UPSC Aspirant) आमतौर पर केंद्र नहीं बदल सकते हैं। एक बार फॉर्म भर लिया जाए उसके बाद आयोग इस तरह का कोई विकल्प नहीं देता। केंद्र बदलने का ऑप्शन या फॉर्म में किसी प्रकार के बदलाव का ऑप्शन तब तक ही मिलता है जब तक कि एप्लीकेशन करेक्शन विंडो ओपन हो। इस विंडो के बंद होने के बाद आप केंद्र नहीं बदल सकते।
कोविड के समय केंद्र बदलने का विकल्प था (COVID-19)
साल 2020 में जब कोविड-19 (Covid-19) चल रहा था, उस समय कमीशन ने यूपीएससी अभ्यर्थी (UPSC Aspirants) को केंद्र बदलने की सुविधा दी थी। इस दौरान केंद्र फर्स्ट अप्लाई-फर्स्ट एलॉट के आधार पर आंविटत किए गए थे। 2022 में ये सुविधा हिमाचल प्रदेश के कैंडिडेट्स को दी गई थी।
