Tag: देहरादून की खबरें
23 सालों से पढ़ा रहे सड़क सुरक्षा का पाठ, जर्मनी-जापान तक फेमस हैं ये डॉक्टर
देहरादून /हिना आज़मी: हर साल सड़क दुर्घटनाओं के मामले बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में कई लोग सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान चला रहे हैं. ऐसे ही एक देहरादून के डॉ बी के एस संजय हैं, जो पेशे से ऑर्थोपेडिक सर्जन है. वह 2001 से सड़क सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं. स्कूल, कॉलेज, अस्पताल में जाने के साथ-साथ वह ड्राइवरों को जागरूक करते नजर आते हैं. वह जर्मनी-जापान आदि देशों में भी जागरूकता अभियान चलाते हैं. डॉ बी के एस संजय ने लोकेल 18 को जानकारी देते हुए कहा है कि वह साल ... Read more
म्हारी छोरियां छोरो से कम है के… देव भूमि की बेटियां कराटे के फाइटिंग रिंग..
हिना आज़मी/ देहरादून: वंदना कटारिया से लेकर मानसी नेगी तक देवभूमि उत्तराखंड में बेटियों ने स्पोर्ट्स में भी अपनी धाक जमाई है. पहाड़ और जंगलों में संघर्ष करने वाली इन बेटियों ने कड़ी मेहनत और लगन से कराटे का प्रशिक्षण लिया और जापान के इस खेल में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली कराटे चैंपियनशिप में अपना दमखम दिखाती नजर आ रही है. कोई सुदूर पहाड़ से 50 किमी दूर प्रशिक्षण लेने आती, तो कोई आर्थिक हालातों से लड़कर पहुंचती, तो किसी को समाज से लड़ना पड़ा लेकिन छोटी उम्र में ही हर संघर्ष से लड़ती ... Read more
डाक टिकट का जुनून, 11 साल की उम्र में चढ़ा शौक, 200 से ज्यादा देशों के स्टांप का है कलेक्शन
हिना आज़मी/ देहरादून. आज जब लोग चिट्ठियां भेजना लगभग भूल चुके हैं. ईमेल और वाट्सएप से दुनिया ग्लोबल से लोकल होने की तरफ दौड़ रही है. ऐसे में डाक टिकटों का संग्रह करने के शौकीन लोग बिरले ही होते हैं. ऐसे ही एक शख्स हैं देहरादून के विनय गुप्ता. 11 साल की उम्र से डाक टिकट कलेक्ट कर रहे विनय को हमेशा से चिट्ठियों के ऊपर चिपकाए गए ये डाक टिकट अच्छे लगते थे. स्कूल के दिनों से उन्होंने डाक टिकट संग्रह करना शुरू किया. आज उनके पास 200 से ज्यादा देशों के डाक टिकट हैं. पिछले कुछ दशकों की ... Read more
कमाल की है यह सोसायटी, कूड़े से बना रहे सजावटी सामान, बदल रहे पार्कों की सूरत
हिना आज़मी/ देहरादून. वैसे तो पर्यावरण को लेकर कई संस्थाएं काम करती हैं लेकिन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की इको ग्रुप सोसाइटी भी तेजी से प्रगतिमान है. यह संस्था पॉलीथिन के नुकसान को देखते हुए लोगों को जागरूक तो करती ही है लेकिन वहीं वह इस यूज्ड पॉलिथीन का उपयोग करते हुए इको ब्रिक्स बनाते हैं, जिससे पॉलीथीन कम्प्रेस्ड हो जाती है. वहीं इन इको ब्रिक्स ने देहरादून के क़ई पार्कों की सुंदरता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है. पर्यावरण के लिए काम करने वाली देहरादून की इको ग्रुप सोसाइटी के अध्यक्ष आशीष गर्ग ने लोकल 18 को जानकारी दी ... Read more
थोड़ी सी लापरवाही से जा सकती है जान, शार्ट सर्किट से लेकर गैस सिलेंडर के उपयोग तक बरतें ये सावधानियां
हिना आज़मी/ देहरादून. इन दिनों गर्मी बढ़ने के चलते इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के ज्यादा उपयोग के कारण क़ई बार शार्ट सर्किट होने से घर मे आग लग जाती है, वहीं गैस सिलेंडर के प्रयोग में लापरवाही भी जान जाने का सबब बन जाती है. 14 अप्रैल से अग्निशमन सेवा सप्ताह चल रहा है. इसलिए अग्निशमन विभाग लोगों को क़ई कार्यशालाओं और जागरूकता अभियान के तहत यह जानकारी दे रहा है कि कैसे सावधानी बरतें और अगर ऐसी घटना घटे तो क्या किया जाए. लोगों को जागरूक किया जा रहा कि सिलेंडर पर लिखे कोड को देखकर उसकी एक्सपायरी डेट देखकर ही ... Read more
राजस्थान ही नहीं उत्तराखंड में देखिए कठपुतलियां, पहाड़ की संस्कृति से हैं लबरेज
हिना आज़मी/ देहरादून. राजस्थान की लोक कला में कठपुतली का बहुत महत्व है. इसलिए माना जाता है कि राजस्थान की कठपुतली बहुत ही मशहूर है, लेकिन उत्तराखंड के दान सिंह फर्त्याल अपनी पत्नी पुष्पा के साथ मिलकर पहाड़ की लोककला और लोक संस्कृति कठपुतली के जरिये लोगों तक पहुंचा रहे हैं. अल्मोड़ा के रहने वाले दान सिंह फर्त्याल उत्तराखंड के कुमाऊं की संस्कृति को दूसरे राज्यों तक में अपनी इस बेहतरीन कला के जरिये पहुंचाने का काम कर रहे हैं. इसके अलावा उनकी पत्नी पुष्पा भी उनका बखूबी साथ निभा रही हैं. जिंदगी के संघर्ष से लड़े दान सिंह फर्त्याल ... Read more
पर्यटकों और फिल्ममेकर्स की पहली पसंद क्यों है देहरादून का फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, जानें इतिहास
हिना आज़मी/ देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की खूबसूरत लोकेशन की लिस्ट में शुमार फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट वैश्विक धरोहर है, जिसे ग्रीक रोमन भवन निर्माण शैली में बनाया गया था. भारतीय वन अनुसंधान संस्थान यानी एफआरआई परिसर करीब 7 एकड़ के क्षेत्रफल में फैला हुआ है. इसका डिजाइन सीजी ब्लूमफील्ड ने तैयार किया था. इस ऐतिहासिक इमारत को बनाने में 90 लाख रुपये की लागत और करीब 7 साल का वक्त लगा था. चारों ओर पहाड़ों से घिरी यह बिल्डिंग अपने मनोरम दृश्यों के चलते ही टूरिस्ट और फिल्ममेकर को यहां आने पर मजबूर कर देती है. मुजफ्फरनगर से देहरादून ... Read more
सपना पूरा करने के लिए छोड़ दी सरकारी नौकरी, बनाया अपना म्यूजिक बैंड
हिना आज़मी/ देहरादून.आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. म्यूजिक भी उनसे अछूता नहीं रहा है. उत्तराखंड के देहरादून की रहने वाली महिलाओं के ‘वुमनिया बैंड’ के गिटार, ड्रम और गाने पर आज देशभर के लोग थिरकते नजर आते हैं. यह उत्तराखंड का इकलौता महिला म्यूजिक बैंड है, जिसे बनाने के लिए स्वाति सिंह ने सरकारी नौकरी छोड़ दी. स्वाति ने जानकारी दी कि उनकी माँ उत्तरा चौहान श्री नारायण डिग्री कॉलेज में संगीत की टीचर थीं और उन्होंने भी यहीं से ग्रेजुएशन किया. उनकी एक स्कूल में सरकारी नौकरी लग गई लेकिन उनका इस काम में मन ... Read more
कभी आदिवासियों के चेहरे पर होती थी यह फेस पेंटिंग…आज हर किसी में है इसका क्रेज
हिना आज़मी/ देहरादून. पुरापाषाण काल से ही मानव का रुझान कला के प्रति था. तब से लेकर अब तक चित्रकला की कई विधाएं चली आ रही हैं. आज भी दुनिया की कई जगहों के आदिवासियों के चेहरे पर चित्रकला देखी जाती है. वहीं कई तरह के फेस्टिवल्स, प्रोग्राम या जागरूकता अभियान में फेस पेंटिंग की जाती हैं. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मयूर विहार की रहने वाली अदन शेख कई तरह की खूबसूरत पेंटिंग्स करती हैं. वह बॉटल पेंटिंग्स, केनवास पेंटिंग्स के अलावा फेस पेंटिंग भी करती हैं, जिन्हें छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक बनवाना पसंद करते हैं. ... Read more
रईसजादे के बच्चे आखिर दिल्ली-मुंबई छोड़ इस शहर में ही क्यों करते हैं स्कूलिंग?
home / photo gallery / uttarakhand / रईसजादे के बच्चे आखिर दिल्ली-मुंबई छोड़ इस शहर में ही क्यों करते हैं स्कूलिंग? देहरादून को एजुकेशन हब कहा जाता है. देहरादून में कई हस्तियों ने शिक्षा हासिल की है इनमें करीना कपूर, सोनाली बिन्द्रे, मंसूर अली खान पटौदी, जाहिद खान, राजीव गांधी, राघव जुयाल और जुबिन नौटियाल जैसे नाम है हैं. (रिपोर्ट- हिना आज़मी/ देहरादून) 01 बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड में काम कर चुके कबीर बेदी ने दून स्कूल से पढ़ाई की है. यह स्कूल महंगे स्कूलों में गिना जाता है. इसने देश के बेस्ट बोर्डिंग स्कूल्स में दूसरा स्थान हासिल किया ... Read more