शैल चतुर्वेदी शब्दों के थे अनोखे जादूगर, लिखा था- जब भी डकार लेते हैं, चुनाव हो जाता है, और बेचारा आदमी, नेताओ की भीड़ में खो जाता है
शैल चतुर्वेदी कवि होने के साथ ही एक्टर भी थे नई दिल्ली : शैल चतुर्वेदी हिंदी साहित्य और सिनेमा से जुड़ा एक ऐसा नाम जिसने अपनी हास्य व्यंग्य कविताओं से…
