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गढ़वाली फिल्ममेकर सुशीला रावत ने बताए वे गुर जिससे स्थानीय फिल्में करेंगी बेहतर व्यवसाय

देहरादून. उत्तराखंड के हरे-भरे पेड़-पौधे और हसीन वादियां बॉलीवुड और हॉलीवुड निर्माताओं को भी खींच लाती है, लेकिन यहां की स्थानीय फिल्में आज भी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है. बेहतरीन कहानी, पहाड़ का दर्द बयां करती गढ़वाली फिल्मों के प्लाट, लोकेशन और कलाकारों की मेहनत अन्य फिल्मकारों की तरह ही होती हैं. जटिल भोगौलिक स्थिति और सीमित संसाधनों के बावजूद फिल्म निर्माता और निर्देशक गढ़वाली फिल्में बनाते हैं और कुछ ही जगह पर पर्दे पर फिल्में रिलीज हो पाती हैं. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि जितनी मेहनत गढ़वाली फिल्मों को बनाने के लिए लगती है, ... Read more