Tag: Pauri Garhwal
मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ी, पहाड़ों के युवाओं को बना रहे इंजीनियर और डॉक्टर
कमल किशोर पिमोली/श्रीनगर गढ़वाल. पहाड़ के ढलानों से होते हुए पानी की तरह बहने से बेहतर है पहाड़ चढ़ना. कुछ कर गुजरने की उम्मीदें जिंदा है, संभावनाएं मरी नहीं है बेशक जहां पहाड़ का युवा महानगरों और मेट्रो सीटी को ओर रूख कर रहे हैं वहीं, कुछ ऐसे भी युवा हैं जिन्होंने मेट्रो सीटी की आरमदायक जिंदगी छोड़ वापस पहाड़ों पर लौटने की सोची और आज वे यहां बच्चों को शिक्षित करने का काम कर रहे हैं. अब ये युवा श्रीनगर गढ़वाल में छात्रों को इंजिनिएर और डॉक्टर बनने के लिए तैयार कर रहे हैं2018 में मात्र कुछ युवाओं के ... Read more
पब्लिक फंड से चलती है यह लाइब्रेरी, यहां पढ़कर कई छात्रों ने संवारा भविष्य
कमल किशोर पिमोली/श्रीनगर गढ़वाल. ‘‘बेहतर जिंदगी का रास्ता बेहतर किताबों से होकर गुजरता है‘‘ श्रीनगर पब्लिक लाइब्रेरी के बोर्ड पर लिखी ये पंक्तियां बहुत कुछ बयां करती है. कहते हैं अगर आपके अंदर पढ़ने की ललक है तो आपको पढ़ाई के लिए कोई न कोई रास्ता मिल ही जाता है. शिक्षा का हब कहा जाने वाले श्रीनगर गढ़वाल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लेकर देश के अलग-अलग कोनों से भी छात्र यहॉ बढ़ने के लिए पहुंचते हैं, कई ऐसे छात्र भी होते हैं जो नगर क्षेत्र की कमर्सियल लाइब्रेरी में मोटी फीस नहीं दे पाते हैं, इन छात्रों के ... Read more
50 साल का होने वाला है उत्तराखंड का केंद्रीय विश्वविद्यालय, जानिए इसका इतिहास
कमल पिमोली/ श्रीनगर. कई जन संघर्षों और आंदोलनों के बाद 19 नवंबर 1973 को उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल में गढ़वाल विश्वविद्यालय (HNBGU Uttarakhand) की स्थापना की गई. दो कमरों से शुरू हुए गढ़वाल विश्वविद्यालय के पास आज अपने एक बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ तीन कैंपस और 80 से ज्यादा संबद्व कॉलेज हैं.यह यूनिवर्सिटी गढ़वाल क्षेत्र की जनता का उच्च शिक्षा के माध्यम से विकास की आशाओं और आकांक्षाओं की प्रतीक है. 1973 में जब श्रीनगर में गढ़वाल विश्वविद्यालय स्थापित किया गया था, तो उस दौरान यहां न तो पर्याप्त संसाधन थे और न ही शिक्षक. बावजूद इसके गढ़वाल विश्वविद्यालय खुद ... Read more