Uttarakhand News: 20 साल से सरकारी टीचर बना बैठा था 10वीं फेल, जब खुला खेल तो…


रिपोर्ट : पवन सिंह कुंवर

सितारगंज. उत्तराखंड में लगातार भर्ती घोटाले सामने आ रहे हैं. शुक्रवार को देहरादून समेत कई जिलों में युवाओं ने भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई जांच की मांग की और देहरादून में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज का विरोध जताया. वहीं, उधमसिंह नगर जिले में एक सरकारी टीचर के फर्जीवाड़े का ऐसा मामला सामने आया है कि आप भी माथा पकड़ लेंगे. यह टीचर पिछले 20 साल से बच्चों को पढ़ा रहा था. जब इसके दस्तावेज की जांच की गई, तो वह 10वीं फेल निकला. आरोपी शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

मिली जानकारी के अनुसार, मामला उधमसिंह नगर जिले के सितारगंज का है. यहां के राजकीय प्राथमिक विद्यालय चीकाघाट में तैनात प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहनेवाला है. वह 10वीं फेल होने के बाद भी शिक्षक बना बैठा था. उसके द्वारा पेश किए गए प्रमाण पत्र व अंकपत्रों को जांच के लिए बरेली भेजा गया था. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. मुकेश के असल हाईस्कूल अंकपत्र में वह फेल निकला.

जानकारी के अनुसार, मुकेश कुमार ने अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेज फर्जी बनाए थे. जिसके आधार पर उसने यह नौकरी पाई थी. अब जब विभाग को इस फर्जीवाड़े के बारे में पता चला, तो डिप्टी डीईओ ने पुलिस को तहरीर दी है. जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है. शिक्षा विभाग ने मुकेश कुमार को बर्खास्त कर दिया है. वहीं अब पुलिस मामले की जांच कर रही है.

Tags: Fake documents, Teacher job, Udham Singh Nagar News