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Nainital Latest News: नैनीताल में 1947 में शुरू हुआ एचएन पांडे इंडिपेंडेंस डे चिल्ड्रन फुटबॉल टूर्नामेंट, जिसमें बच्चों की लंबाई 4 फुट 9 इंच से कम होनी चाहिए. यह टूर्नामेंट नैनीताल की सांस्कृतिक पहचान बन चुका ह…और पढ़ें

नैनीताल: देश की आज़ादी के दिन जब पूरा भारत जश्न मना रहा था, ठीक उसी दिन नैनीताल के मल्लीताल स्थित डीएसए मैदान में इतिहास रचा जा रहा था. यहां खेला गया था एक ऐसा फुटबॉल मैच, जिसने आने वाले दशकों के लिए एक परंपरा की नींव रख दी. आज वही टूर्नामेंट ‘एचएन पांडे इंडिपेंडेंस डे चिल्ड्रन फुटबॉल टूर्नामेंट’ के नाम से जाना जाता है, और इसकी सबसे अनोखी बात है कि इसमें खेलने वाले बच्चों की लंबाई 4 फुट 9 इंच से कम होनी चाहिए. टूर्नामेंट का आयोजन सीआरएसटी ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के द्वारा किया जाता है.

संगठन के पूर्व महासचिव कैप्टन एलएम साह ने बताया कि इसकी शुरुआत 1947 में सिर्फ 6 टीमों के साथ हुई थी. पहला मुकाबला CRST हाई स्कूल और गवर्नमेंट हाई स्कूल (GIC) के बीच हुआ था, जिसमें गवर्नमेंट हाई स्कूल ने जीत दर्ज की थी. इस अनोखे टूर्नामेंट का मकसद सिर्फ खेल नहीं, बल्कि उन बच्चों को मंच देना है, जो उम्र और कद में छोटे होने के कारण अन्य बड़े टूर्नामेंट्स में अक्सर पीछे रह जाते हैं. आज, यह टूर्नामेंट केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि नैनीताल की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है.

उम्र और लम्बाई को लेकर अनोखे नियम
सीआरएसटी ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के सचिव मनोज सिंह बिष्ट बताते हैं कि शुरुआती दौर में इस टूर्नामेंट में प्रतिभाग के लिए मानक बच्चे का कक्षा 8वीं तक और उम्र 14 साल से कम रखी गई थी, लेकिन बाद में इस टूर्नामेंट के मानक में खिलाड़ी की लंबाई को भी अनिवार्य रूप से शामिल कर दिया गया था. जिसके बाद इस टूर्नामेंट में प्रतिभाग के लिए खिलाड़ी की लंबाई 4 फीट 9 इंच होना अनिवार्य था. उन्होंने बताया की उस दौर में नगर के सीआरएसटी, जीआईसी, जूनियर हाईस्कूल, प्राइमरी स्कूल के बच्चे इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करते थे.

साल 1952 में इस टूर्नामेंट में नगर के प्रतिष्ठित सेंट जोसेफ कॉलेज ने प्रतिभाग किया और जीत की ट्रॉफी अपने नाम की. जिसके बाद 90 के दशक में शेरवुड कॉलेज भी इस टूर्नामेंट में कूद गया. जिसके बाद शेरवुड और सेंट जोसेफ कॉलेज की टीमें हर साल फाइनल मुकाबला खेलने लगी और कई सालों तक यह सिलसिला चलता रहा.

पूरे देश का अनोखा टूर्नामेंट
मनोज सिंह बिष्ट बताते हैं कि उनके एसोसिएशन के सीनियर लोगों द्वारा ही बच्चों की लंबाई, कक्षा और उम्र को लेकर नियम बनाए गए थे. वर्तमान में टूर्नामेंट में प्रतिभाग करने वाले बच्चे की उम्र 1 अगस्त तक 14 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए. साथ ही कक्षा 8 तक के विद्यार्थी इस टूर्नामेंट में भाग ले सकते हैं. इसके साथ ही उनकी लंबाई 4 फीट 9 इंच से कम ज्यादा न हों. उन्होंने बताया की इस तरह लंबाई नापने का नियम बेहद खास है जो सिर्फ नैनीताल के इस मैच में ही लागू होता है. इसके अलावा पूरे देश में इस तरह की प्रतियोगिता नहीं होती. उन्होंने आगे बताया कि इस साल इस टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें प्रतिभाग कर रहीं हैं. टूर्नामेंट का फाइनल 15 अगस्त के दिन खेला जाएगा.
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नैनीताल का अनोखा टूर्नामेंट, जहां लंबाई के हिसाब से होता है खिलाड़ियों का चयन

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