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Kumaoni Food : इस रेस्टोरेंट में हर दिन पहाड़ की अलग-अलग डिश परोसी जाती है. इन्हें बनाने का तरीका सबसे जुदा है. जो चीचें खाने में जान पैदा करती हैं, उनके बिना भी इनका स्वाद किसी को भी मुरीद बना लेगा.

अल्मोड़ा. उत्तराखंड का अल्मोड़ा अपनी संस्कृति के साथ स्वादिष्ट व्यंजनों से भी मोहता रहा है. यहां का स्वाद बाहरी दुनिया को चमत्कृत करता आया है. अल्मोड़ा में ऐसी ही दुकान है, जिसका खाना सिर चढ़कर बोल रहा है. यहां आपको हर दिन अलग-अलग कुमाऊंनी खाना खाने को मिलेगा. अल्मोड़ा के पंडित गोविंद बल्लभ पंत पार्क के पास मौजूद अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट दूसरे रेस्टोरेंट से अलग है. दरअसल यहां पर बिना लहसुन, प्याज डाले कुमाऊंनी व्यंजन तैयार किया जाता हैं. इस रेस्टोरेंट में हर दिन पहाड़ की अलग-अलग डिश बनाई जाती है. यही वह है कि स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटक इन व्यंजनों की ओर खिंचे चले आते हैं.

पहली बार सुना तो चौंके

ग्राहक गंगेश्वर प्रताप सिंह बताते हैं कि साल 2022 में उनकी पोस्टिंग अल्मोड़ा में हुई थी, तब से अभी तक वह इसी रेस्टोरेंट में आकर डेली खाना खाने आते हैं. उन्होंने पहली बार कुमाऊंनी खाना यहीं पर आकर खाया और ऐसा खाना पहले कभी नहीं खाया था. जब उन्हें पता चला कि बिना लहसुन-प्याज के खाना तैयार किया जाता है, तो एक पल के लिए उन्हें लगा कि कैसा बना होगा. लेकिन जब उन्होंने इसका टेस्ट किया तो उन्हें बहुत ही अच्छा लगा. जब भी वह आते हैं तो उन्हें अलग-अलग दिन अलग-अलग डिश खाने को मिलती है. बाहर से आने वाले पर्यटकों से वे कहते हैं कि अगर वे अल्मोड़ा आते हैं और यहां के लोकल फूड को खाना चाहते हैं, तो अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट एक बार जरूर आएं. उन्हें एक पल के लिए नहीं लगेगा कि वह घर से बाहर हैं.

भट्ट की चुड़कानी से लेकर पहाड़ी गडेरी तक
ग्राहक लोकेश बताते हैं कि वह करीब 8 साल से यहां पर आ रहे हैं. स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब वह कॉलेज कर रहे हैं और किराए पर रहते हैं. कॉलेज छूटने के बाद दिन और रात का खाना खाने के लिए वह यहां अक्सर आते हैं. यहां का खाना बिल्कुल घर की याद दिलाता है. हर दिन अलग-अलग कुमाऊंनी खाना मिलने से खाने का स्वाद दोगुना बढ़ जाता है. अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट के मालिक पूरन चंद्र कांडपाल कहते हैं कि उनके यहां विदेशी पर्यटक भी आते हैं. करीब 64 साल से यहां कुमाऊंनी खाना बना रहे है. उनके वहां बनने वाले खानों की लिस्ट में गहत की दाल, पहाड़ी काफा, कढ़ी चावल, भट्ट की चुड़कानी, पहाड़ी राजमा, पहाड़ी सब्जी, भट्ट के डुबके, चैंस, पहाड़ी लोबिया, पहाड़ी गडेरी, पहाड़ी चटनी शामिल हैं. ₹100 की थाली में 6 रोटी, दो अलग-अलग सब्जियां, एक दाल और हाफ चावल दिए जाते हैं.

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