अल्हड़ ठंड में ट्रेंड कर रही कुल्हड़ वाली चाय, देहरादून के ठीहों पर क्रेजी हो रहे चाय प्रेमी


रिपोर्ट : हिना आजमी

देहरादून. कड़ाके की ठंड में चाय का लुत्फ उठाने की ख्वाहिश हर किसी की होती है. दरअसल, चाय की चुस्कियां शरीर में गर्माहट पैदा कर देती है. इसलिए इस समय चाय की छोटी दुकान हो या बड़ी, वहां पर चाय के शौकीनों की भीड़ देखी जा सकती है. मौसम के बदलते मिजाज में यदि चाय की कोई दुकान कुछ अलहदा है, तो वहां लोगों का जमावड़ा होना भी लाजिमी है. राजधानी देहरादून में इस समय लोग कुल्हड़ में चाय पीने को तवज्जो दे रहे हैं.

पुराने दौर में रेलवे स्टेशन हो या चौक-चौराहा या फिर नुक्कड़, हर जगह चाय कुल्हड़ में बिकने का चलन था. बीच के दौर में कुल्हड़ की चाय बेहद कम जगहों पर बिकती दिखती थी. लेकिन एक बार फिर नए रूप में कुल्हाड़ वाली चाय लोगों को भाने लगी है.

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नए साल के साथ ही राजधानी देहरादून में शीतलहर दौड़ पड़ी है और ऐसे में खानपान की तरफ भी लोगों का रुझान है. चाय के शौकीनों के लिए ठिठुरती हुई इस सर्दी में साथियों संग चाय की चुस्कियां लेने का मजा कुछ और है और अगर यह चाय कुल्हड़वाली हो तो सोने पर सुहागा हो जाता है. इन दिनों राजधानी देहरादून में चाय सुट्टा बार हो या दूसरी चाय की दुकानें – ज्यादातर लोग कुल्हड़ चाय पीना पसंद कर रहे हैं. युवाओं के बीच इन दिनों चाय सुट्टा बार की कुल्हड़ चाय बहुत चलन में है. वहीं जो लोग उम्र का लंबा सफर तयकर इस दौर में आए हैं, उनके लिए भी यह स्वाद अपनी मिट्टी से जोड़ने वाला है.

देहरादून की रहनेवाली सलमा बताती हैं कि पुराने वक्त में मिट्टी के बर्तन में खाना बनाया जाता था और परोसा जाता था. वहीं, चाय भी मिट्टी के बर्तन में पी जाती थी, लेकिन वक्त बदलने के साथ-साथ इसका चलन कम हो गया. यह हमारे लिए खुशी की बात है कि एक बार फिर से दुकानों पर कुल्हड़ की चाय का स्वाद हम ले पा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कुल्हड़ की चाय जितनी ज्यादा हमें स्वाद में अच्छी लगती है उतनी ही हमारे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती है.

वहीं के बी सिद्दीकी का कहना है कि बचपन में हम कुल्हड़ की चाय पीने के लिए मिलती थी. शहरों में रहकर हम उसे याद करते थे. लेकिन अब हमें फिर अपनी मिट्टी की सोंधी खुशबू कुल्हड़ चाय के रूप में मिल रही है. वहीं दुकानदार नितिन ने बताया कि हम कुल्लड़ को ही ज्यादा आगे बढ़ा रहे हैं क्योंकि यह स्वाद के साथ सेहत के लिए भी अच्छी है और हाइजीन के लिहाज से भी बेहतर है. युवाओं और तमाम उम्र के लोगों को लुभाने के लिए हम चॉकलेट, रोज, इलायची, अदरक जैसे कई फ्लेवर परोस रहे हैं. हमारी कोशिश यही है कि शहरों में रहकर भी लोग अपनी मिट्टी को न भूलें.

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