लैंसडाउन के 100 साल पुराने स्कूल में क्या हुई रुपयों की बंदरबांट? मुख्यमंत्री से जांच की मांग


हाइलाइट्स

लैंसडाउन के विधायक दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेटर लिखा है
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत प्रोजेक्ट को आज भी महत्वाकांक्षी बता रहे हैं

देहरादून। लैंसडाउन के 100 साल पुराने स्कूल को लेकर लोकल विधायक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जांच की मांग की है. वहीं पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत प्रोजेक्ट को आज भी महत्वाकांक्षी बता रहे हैं. जिस पर कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है. लैंसडाउन के 100 साल पुराने स्कूल के नाम पर क्या करोड़ों रुपए की बंदरबांट हुई? ये अब जांच में साफ होगा। लैंसडाउन के विधायक दिलीप रावत ने न्यूज 18 पर मुद्दा उठाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेटर लिखा है.

लेटर में साफ लिखा गया कि डेढ़ साल से बिल्डिंग में कोई काम नहीं हुआ है. बच्चों का नुकसान हुआ है और बिल्डिंग बनाने के नाम पर भारी अनियमितता हुई है. इस स्कूल को झारखंड के नेतरहाट की तरह आवासीय स्कूल बनाने का फैसला तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने किया था. जिनके तहत हंस फाउंडेशन से 60 परसेंट पैसा आ चुका है, बाकी 40 परसेंट शिक्षा विभाग को देना है.

उठ रहे कई सवाल
लेकिन सवाल यह है कि जब पैसा दिया, तो काम क्यों नहीं दिख रहा. ये सवाल विधायक और जनता का है. सवाल यही है कि क्या महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के नाम पर करोड़ों रुपए का क्या हुआ. ये बात जांच में साफ होगी. इस बात का भरोसा विधायक दिलीप रावत को है. वहीं कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री से मसले पर गंभीर जांच की मांग की है. पर हैरानी भी जताई कि कैसे बीजेपी राज में  करप्शन के मामले सामने आ रहे हैं. सड़क, पुल, नहर, नौकरी के नाम पर करप्शन के मामले आपने सुने होंगे, लेकिन 100 साल पुराने स्कूल के नाम पर पैसे के खेल का ये अनोखा मामला है, और खुद बीजेपी विधायक को भारी अनियमितता से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री से बड़े और कड़े फैसले की उम्मीद है.

Tags: CM Pushkar Dhami, Uttarakhand news

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