‘स्वच्छता ही सेवा’ से जुड़ेंगे गांववासी, स्वच्छ और सुंदर ग्राम पंचायतें बढ़ाएंगी देहरादून का मान


हिना आज़मी/देहरादून. एक तरफ उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में देहरादून नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में अव्वल आने की रेस में कमर कसे है, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर कई तरह के प्रयास किये जा रहे हैं. अपनी ग्राम पंचायतों को स्वच्छ रखने वाले लोग अब सम्मानित किए जाएंगे. अब शहर के साथ ग्रामवासी को एक कदम स्वच्छ दून सुंदर दून की ओर बढ़ाएंगे. मुख्य विकास अधिकारी झरना कामठान ने जानकारी दी कि “स्वच्छता ही सेवा” पखवाड़े के अवसर पर हमारे सभी ग्राम पंचायतों में सफाई स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है. इसी कार्यक्रम के तहत हाल ही में देहरादून की 12 ग्राम पंचायतों में उत्कृष्ट काम करने वाले प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया है.

उन्होंने बताया कि 12 ग्राम पंचायत में से 3 ग्राम पंचायत को राज्य स्तर पर भी सम्मानित किया गया है. “स्वच्छता ही सेवा” पखवाड़े के राज्यभर में स्वच्छता और जागरूकता को लेकर कई तरह की गतिविधियों की जा रही है. यह पखवाड़ा 2 अक्टूबर तक चलाया जाएगा. उन्होंने आगे बताया कि 17 सितंबर 2023 को पूरे राज्य में स्वैच्छिक व्रत स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम चलाया गया और इसमें जन समुदाय ने बढ़ चढ़कर भाग लिया.

वेस्ट रिमूवल कार्यक्रम 
झरना कामठान ने आगे बताया कि इस अभियान के तहत युवाओं, महिलाओं और महिला मंगल दलों, स्वयं सहायता समूह के सहयोग से वेस्ट रिमूवल कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें ग्रामीण स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, तालाबों, शौचालयों, सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों, जल स्रोतों को बड़े पैमाने पर साफ सफाई की जाएगी.

पेयजल पूर्ति की समस्या का हल
अपनी ग्राम पंचायत रामपुर भाववाला में उत्कृष्ट काम कर सम्मानित होने वाली रमा थापा ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत में पेयजल पूर्ति की समस्या पिछले 55 वर्षों से बनी हुई थी. 250 परिवारों के जल की व्यवस्था थी लेकिन वक्त के साथ ग्राम पंचायत में 950 परिवार हो गए थे. ऐसे में पेयजल आपूर्ति हमारे लिए चुनौती थी और कड़ी मशक्कत के बाद स्वजल परियोजना के तहत ग्रामीणों को जल मिल पाया. वहीं चकराता के रायगी ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान रतन सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में शौचालयों पर काम किया है क्योंकि खुले में शौच से गंदगी और बीमारियां पैदा होती हैं, इसलिए उन्होंने सार्वजनिक शौचालय भी बनवाये.

प्राकृतिक जल स्रोतों को स्वच्छ रखना 
वहीं कालसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत झूसौ बाकरौ के ग्राम प्रधान अनिल तोमर ने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक जल स्रोत है, जिन्हें स्वच्छ रखना हमारी जिम्मेदारी है. इसीलिए हमने अपनी ग्राम पंचायत में एक समिति बनाई, जो प्राकृतिक जल स्रोतों को स्वच्छ रखने पर काम करती है.बड़कोट के ग्राम प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि हम अपनी ग्रामपंचायत को स्वच्छ और साफ रखने के लिए हमेशा कार्यरत रहते हैं. उन्होंने बताया कि हमने 18 परिवारों के लिए व्यक्तिगत शौचालय बनाये हैं, जिनके घर में शौचालय नहीं थे और 28 शौचालयों की मरम्मत करवाई.

400 से 500 रुपये में मिलेगा सिलेंडर
उन्होंने आगे बताया कि हमने अपनी ग्राम पंचायत में स्वजल विभाग के सहयोग से कूड़ा गाड़ी लगाई है और गीला व सूखा कूड़ा अलग अलग रखा जाता है. गीला कूड़ा स्थानीय किसान कम्पोस्ट के रूप में प्रयोग करते हैं. उन्होंने बताया कि स्वजल विभाग की ओर से हमारी ग्रामपंचायत को गोवर्धन योजना से जोड़ा जाएगा, जिसमें सामुदायिक बायोगैस प्लांट लगाकर गैस बनाई जाएगी और 30 से 35 परिवारों को यह गैस दी जाएगी और 400-500 रुपये में सिलेंडर मिल पायेगा.

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