आखिरी गांव बोरबलड़ा में लोग बीमार पड़ रहे, दवाई छोड़‍िए खाने-पीने का सामान भी नहीं, क्‍यों हुई ये बुरी हालत?


बागेश्‍वर (सुष्मिता थापा): बागेश्‍वर के आखिरी गांव बोरबलड़ा में इस वक्‍त हालात काफी बुरे हो चले हैं. यहां एक के बाद एक कई गांववाले बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन वह अस्‍पताल तक पहुंच नहीं पा रहे. अस्पताल छोड़ि‍ए, उनके पास ही गांव तक दवा और डॉक्‍टर नहीं आ पा रहे हैं. वजह है यहां सड़क का बंद हो जाना. बागेश्वर के पिंडर घाटी के लोग सड़क बंद होने से परेशान हो गए हैं. कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास दवाएं और जरूरी सामान तक खत्म हो गया है. ऐसे में उनकी जिंदगी बेहद मुश्किल भरी हो गई है.

दरअसल, इस बेहद दूर क्षेत्र में जुलाई से सड़क बंद है. गांव निवासी जमन सिंह दानू का कहना है कि उनके गांव में 30 परिवार रहते हैं, जिनमें से गांव के अधिकतर बच्चे और बुजुर्ग वायरल फीवर से ग्रस्त हैं. गांव से 70 किलोमीटर दूर कपकोट अस्पताल हैं, जिसमें भी जगह-जगह सड़कें बंद हैं. डोली में भी ले जाएं तो कितनों को ले जाएं.

कपकोट एसडीएम अनुराग आर्या का कहना है कि जल्द ही बोरबलड़ा में एक मेडिकल टीम भेजी जाएगी. दूर के ग्रामीण इलाकों में सड़क बंद होने के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार कैंप लगाए जा रहें हैं.

इधर कपकोट कर्मी सड़क मार्ग गासो के पास दरक रहा है. पिछले 5 दिन से यहां पर सड़क बंद है. हालांकि सड़क खोलने के लिए लोडर मशीन लगाई गई है. मलबा और बोल्डर गिरने से सड़क फिर बंद हो रही है, जिससे 35 हजार से अधिक जनसंख्या प्रभावित हो गई है.

लोग गैस सिलेंडर, राशन और अन्य सामग्री जान हथेली पर रखकर पैदल लाने को मजबूर हैं. स्कूली बच्चों के लिए भी खतरा बना हुआ है, जिले में बारिश के कारण सड़कों का बंद होना व खुलना जारी है. पिंडर घाटी की लाइफलाइन कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग बंद होने से अधिक आबादी प्रभावित हो रही है. 15 सितंबर से पर्यटन सीजन भी शुरू हो गया है. हालांकि अभी पर्यटकों ने ग्लेशियरों का रुख नहीं किया है, लेकिन सड़क बंद होने से स्थानीय गांवों के लोग परेशान हैं. तीन दिन पहले गांसू के पास भूस्खलन हुआ. भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने से यातायात सुविधा बंद हैं और गांववाले इससे परेशान हैं और उन्‍होंने जल्‍दी ही इसे खोलने की मांग भी की है.

सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र बिष्ट ने बताया कि उनके गांव बघर को जोड़ने वाली सड़क पिछले सात दिनों से बंद है. लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सब्जी, फल और खाने-पीने के सामान के लिये भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गैस सिलेंडर से लेकर जरूरी सामान तक के लिए एक्स्ट्रा पैसा देना पड़ रहा है.

इधर, कपकोट पीएमजीईएसवाई के एक्सक्यूटिव इंजीनियर अमरीश रावत ने बताया कि कर्मी मोटर मार्ग पर लोडर मशीन लगाई गई है. सड़क जल्‍दी खोल दी जाएगी.

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