खानपुर के पूर्व विधायक चैंपियन और MLA उमेश कुमार के बीच फेसबुक पर खूब हुई छीछालेदर, जानें वजह


देहरादून. उत्तराखंड के एक पूर्व विधायक और मौजूदा विधायक में इन दिनों सोशल मीडिया पर घमासान मचा हुआ है. पूरा माजरा जानने से पहले सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के लिए की गई टिप्पणी का एक अंश देखिए. खानपुर के विधायक उमेश कुमार फेसबुक पर लिखते हैं, ”कैसे पढ़े-लिखे आदमी हो. हाँ, पढ़े-लिखे से याद आया, वैसे ये बताओ किस साल में IFS किया था आपने झूठे आदमी, बताओ किस बैच के IFS हो और क्या रैंकिंग थी. पढ़ाई लगता स्कूल के पिछले गेट पर बैठकर की है. मेरा इतिहास पता है ना? या याद दिलाऊं? अब तुम्हारे IFS का पोस्टमार्टम नहीं किया तो कहना’… इसके जवाब में खानपुर के ही पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन लिखते हैं, ‘नहीं जानते तुमने शेक्सपेयर को पढ़ा है या नहीं (शायद उनकी spelling भी तुम्हें न पता हो) ने कहा था Rudeness is weak man’s imitation of strength… समझ आया? नहीं तो पूछ लेना किसी से… तुम्हारी क़ाबिलियत पर पूरा शक है हमें !

ये तो महज एक अंश है, सोशल मीडिया पर उस पोस्ट का जिसको विधायक जी और पूर्व विधायक जी ने एक दूसरे के खिलाफ लिखी है. कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन खानपुर से चार बार विधायक रह चुके हैं. 2016 में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आने वाले विधायकों में चैंपियन भी शामिल थे. चैंपियन 2017 में बीजेपी से भी चुनाव जीते, लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने चैंपियन को टिकट न देकर उनकी पत्नी रानी देवयानी को अपना प्रत्याशी बनाया था. विपक्ष में अन्य कैंडिडेट के साथ ही पत्रकार उमेश कुमार निर्दलीय मैदान में थे. पहली बार चैंपियन के किले में सेंध लगाने में सफल रहे उमेश कुमार ने खानपुर से निर्दलीय जीत दर्ज की. इसके बाद से चैंपियन और विधायक उमेश कुमार आमने-सामने हैं.
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन उत्तराखंड की सियासत में कई बार विवादों में रहे हैं. उत्तराखंड को गाली देने के एक वायरल वीडियो के बाद तो बीजेपी को उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित भी करना पड़ा था. हालांकि, साल भर बाद ही बीजेपी ने उनका निष्कासन वापस ले लिया. अपनी ही पार्टी के विधायक एवं झबरेड़ा से तत्कालीन विधायक देशराज कर्णवाल से उनकी तू-तू, मैं-मैं जग जाहिर है.

विवादित लेकिन साहसिक पत्रकार रहे हैं उमेश कुमार
उमेश कुमार भी उत्तराखंड में सियासी गलियारों में विवादित लेकिन साहसिक पत्रकारों के तौर पर जाने जाते रहे हैं. 2016 में जिस स्टिंग के चलते हरीश रावत सरकार डांवाडोल हो गई, उसके सूत्राधार उमेश कुमार ही थे. इससे पहले निशंक सरकार में जल विद्युत परियोजनाओं के आंवटन में घोटाले को लेकर किया गया उनका स्टिंग ऑपरेशन भी खासा चर्चा में रहा था. तब बीजेपी को चुनाव से चंद महीने पहले निशंक को हटाकर भुवनचंद्र खंडूरी को दोबारा सीएम बनाना पड़ा था. त्रिवेंद्र रावत सरकार में भी स्टिंग ऑपरेशन को लेकर उमेश कुमार चर्चाओं में रहे. अब उमेश कुमार खानपुर से चुनाव लड़कर विधायक बन चुके हैं.

यूनिपोल बना विवाद की जड़
चैंपियन और उमेश कुमार के बीच विवाद की जड़ बना यूनिपोल को हटाने का एक मामला. विधायक उमेश कुमार ने अपना ही होर्डिंग हटाते हुए पीडब्लूडी की जेसीबी मशीन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिस पर उन्होंने लिखा कि खानपुर विधानसभा में जो अवैध यूनिपोल हटाने का काम हुआ है, वो जनहित में मेरे द्वारा करवाया गया. वहां हटाए गए होर्डिंग्स में चैंपियन के होर्डिंग भी शामिल थे.

इस पोस्ट को निशाना बनाते हुए कुंवर प्रणव चैंपियन ने लिखा, ‘वैसे झूठा व्यक्ति हमेशा झूठ का ही सहारा लेता है. चाहे उसे फ़रेब, काले धन, अफ़वाहों की बैसाखियों का सहारा लेकर संवैधानिक पद भी क्यों न मिल जाए. आदेश जारी किया मान्यनीय सुप्रीम कोर्ट ने कि सड़क किनारे से यूनीपोल हटाई जाए, जिसका अनुपालन पीड्ब्लूडी द्वारा किया जा रहा है; लेकिन सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए भाई उमेश विधायक सफ़ेद झूठ बोल रहे हें.’

विधायक उमेश कुमार ने इस पोस्ट के जवाब में लिखा, ‘ख़ानपुर विधानसभा क्षेत्र में जो अवैध यूनिपोल हटाने का काम हुआ है वो जनहित में मेरे द्वारा करवाया गया. दूसरी बात आपने कहा पांच दिन पहले माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया, कम बुद्धि के व्यक्ति ऐसे कई आदेश कई राज्यों में आए हुए लंबा अरसा हो गया लेकिन आपके जैसे लालची और नाकारा क्षेत्रीय विधायक के चलते लागू नहीं हो पाए. समझ ना आए तो ये सारे लिंक पढ़ लेना.’

चैंपियन और उमेश के बीच फेसबुक पर खूब हुई जंग
विधायक उमेश कुमार आगे लिखते हैं, ‘ये रोज़-रोज़ चिढ़चिढ़ी बहु की तरह पोस्टें डालकर खिसियानी बिल्ली की तरह खम्बा मत नोचो. ये तो ईश्वर को मंज़ूर था मेरा यहां आना, वरना आपके जैसे विधायक 36 फिरते थे मेरे आगे पीछे. अपने अंदर झांककर देखना याद आ जाएगा. आपकी चमचागिरी के वॉट्सऐप आज भी मेरे फ़ोन में पड़े होंगे अगर हिस्ट्री निकालूंगा तो… इसीलिए ज्यादा तीतर मत बनो.’

इसके जवाब में चैंपियन लिखते हैं- ‘पर तुम जैसा हल्का आदमी कैसे समझेगा? याद है 2003 में तुम पुराने स्कूटर पर देहरादून में, जब हम निर्दलीय विधायक के रूप में विधानसभा से बाहर निकलते, तो हमारे दोस्त भाई सुबोध ऊनियाल के सामने दुम हिलाकर चमचागिरी करते थे. फिर टूटी हुई स्कोडा कार… मर्सेडीज़. ज़रा दुनिया को बताओ कि जो टूटे स्कूटर पर चलता था, उसने सिर्फ़ 10 साल में कैसे इतना पैसा एकदम बना लिया ?’

बहरहाल, सोशल मीडिया पर पूर्व विधायक चैंपियन और विधायक उमेश कुमार की फेसबुक वॉल जंग का अखाड़ा बनी हुई है, जिसमें व्यूअर्स भी चटकारे ले रहे हैं, तो अपने-अपने अंदाज में कमेंट भी कर रहे हैं.

इस पूरे मामले पर जब हमने पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन और विधायक उमेश कुमार से बात करने की कोशिश की. कुंवर प्रणव चैंपियन ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, ‘ये जनता का सवाल है. हम जनता के सेवक हैं. हार जीत लगी रहती है. बीस साल विधायक रहा हूं, तीन चुनाव जिला पंचायत के भी जीते. मैंने कहीं ऐसा नहीं किया कि कोई घोटाला किया हो, भ्रष्टाचार किया हो. इन्होंने स्टिंग के जरिए यलो जर्नलिज्म कर पैसा कमाया. टूटे स्कूटर वाला लैंड क्रूजर एफोर्ड कर रहा है… मर्सडीज में घूम रहा है. मैं तो कर सकता हूं, हजारों करोड़ की संपत्ति है मेरे पास, लेकिन ये व्यक्ति बताए कि इतना पैंसा कहां से आया. मैं सीबीआई जांच की मांग कर रहा हूं मुख्यमंत्री से भी और प्रधानमंत्री से भी.

वहीं जब चैंपियन के आरोपों को लेकर विधायक उमेश कुमार से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. हमने उनको टैक्सट मैसेज भी भेजा है. जवाब आते ही उनका पक्ष भी लिखा जाएगा.

आपके शहर से (देहरादून)

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