Tag: देहरादून की खबरें
देहरादून में चलेगा कम्युनिटी ट्रैफिक पुलिस सिस्टम, नए SP ने लोगों से मांगे सुझाव
हिना आज़मी/ देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के एसपी ट्रैफिक के पद पर सर्वेश पंवार ने जिम्मेदारी संभाल ली है. नए एसपी ट्रैफिक अब दून की यातायात प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं. वह देहरादून में कम्युनिटी ट्रैफिक पुलिस सिस्टम की पहल करने जा रहे हैं, जिसमें ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ सोसायटी भी यातायात को दुरुस्त करने में मदद करेगी. इसके अलावा यातायात से जुड़े सुझाव और शिकायत को भी ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया पर साझा करते हुए एसपी ट्रैफिक से लोग सीधा जुड़ सकेंगे. देहरादून सिटी ट्रैफिक सर्वेश पंवार ने जानकारी देते ... Read more
पर्यावरण प्रेम की मिसाल बनी धाद, प्रदेश के कोने-कोने में मनाएगी हरेला पर्व
हिना आज़मी/देहरादून. उत्तराखंड की बड़ी सामाजिक संस्था धाद इस बार विशेष रूप से महीने भर के लिए हरेला पर्व मनाने जा रही है जिसके मद्देनजर धाद संस्था अपने पर्यावरण प्रहरी की टीमों को गांव और शहरों में उतारेगी. नए पेड़ लगाने से लेकर पुराने पेड़ों को बचाने का अभियान शुरू किया जाएगा. इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक लोग शामिल होंगे. 16 जुलाई से यह हरेला पर्व शुरू हो गया है और 17 अगस्त तक महीनेभर के लिए मनाया जाएगा. धाद संस्था, पर्यावरण प्रेमियों का पेड़-पौधों के साथ इंसान का रिश्ता मजबूत करने के लिए पिछले तीन दशकों से काम ... Read more
Dehradun: सरकार की इस योजना का लाभ लेकर महिलाएं कर रहीं कमाई, आप भी जानिए तरीका
7 हफ्तों के इस प्रोग्राम में जूट की सामग्री बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है. इसमें लैपटॉप बैग, कैरी बैग, स्कूल बैग, फाइल फोल्डर आदि बनाना सिखाया जाता है. 24 महिला प्रशिक्षणार्थियों के चार समूहों को सालभर में प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाता है.
उत्तराखंड के इस टीचर ने लगाए 1 लाख पेड़, सूखे पड़े कई नदियों को किया जीवित
अरशद खान/देहरादून: आमतौर पर किसी स्कूल शिक्षक की दिनचर्या घर से स्कूल आने-जाने तक सीमित रहती है, लेकिन अल्मोड़ा के सुरईखेत में स्थित आदर्श इंटर कॉलेज के रसायन शास्त्र के शिक्षक मोहन चंद्र कांडपाल ने ऐसी मिसाल पेश की है, जो अपवाद है. पर्यावरण एवं चेतना के अभियान में जुटे मोहन चंद्र कांडपाल का अभियान द्वाराहाट और भिकियासैंण विकास खंडों के लगभग 50 गांवों में फैल चुका है. शुरुआती दौर में उन्होंने यह काम साथी अध्यापकों, स्थानीय दुकानदारों के चंदे से किया. पर्यावरण सुधार के इस अभियान को स्कूल से बाहर गांव तक ले जाने के साथ ही रचनात्मक कार्यों ... Read more
CBSE ने इन स्कूलों की रद्द की मान्यता, इसलिस्ट में आपके स्कूल का नाम तो नहीं?
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने राजधानी देहरादून के 10 स्कूलों की मान्यता खत्म कर दी है. उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के ये सभी स्कूल सामान्य मान्यता पर चल रहे थे. जिन स्कूलों की मान्यता खत्म की गई है, उनमें 10वीं और 12वीं की मान्यता वाले स्कूल शामिल हैं. ये सभी स्कूल प्रोविजनल मान्यता पर चल रहे थे. बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं नियमित तौर पर नहीं हुईं, साथ ही मान्यता संबंधी कई नियमों की अनदेखी की गई. इसी वजह से इनकी मान्यता रद्द की गई है. मिली जानकारी के अनुसार, CBSE के संयुक्त ... Read more
पहाड़ी स्वाद और संस्कृति को संजो रहा है ‘रस्याण… एक छत के नीजे मिलेगा सबकुछ, जानें पता
हिना आज़मी/देहरादून: बात पहाड़ की मिट्टी की करें या उस मिट्टी में उपजे अनाज और दालों के स्वाद की या पहाड़ के चटकीले नमक या पहाड़ के अचार और घी के महक की इस जगह की हर चीज अनोखी है. अपने गांव से दूर देहरादून शहर में इन उत्पादों के शौकीन मिल ही जाएंगे. वहीं इसे याद करने वालों के लिए देहरादून में ही ‘रस्याण’ लोगों तक पहाड़ी उत्पाद पहुंचा रही है. यहां पहाड़ी दालें, पहाड़ी उत्पाद, पहाड़ी जूस ,पहाड़ी नमक, पहाड़ी जेवर और पहाड़ की संस्कृति को बयां करने वाली किताबें भी आपको मिल जाएंगी. दुकान संचालक ललित बताते ... Read more
पहाड़ी स्वाद और संस्कृति को संजो रहा है ‘रस्याण’… एक छत के नीजे मिलेगा सबकुछ, जानें पता
हिना आज़मी/देहरादून: बात पहाड़ की मिट्टी की करें या उस मिट्टी में उपजे अनाज और दालों के स्वाद की या पहाड़ के चटकीले नमक या पहाड़ के अचार और घी के महक की इस जगह की हर चीज अनोखी है. अपने गांव से दूर देहरादून शहर में इन उत्पादों के शौकीन मिल ही जाएंगे. वहीं इसे याद करने वालों के लिए देहरादून में ही ‘रस्याण’ लोगों तक पहाड़ी उत्पाद पहुंचा रही है. यहां पहाड़ी दालें, पहाड़ी उत्पाद, पहाड़ी जूस ,पहाड़ी नमक, पहाड़ी जेवर और पहाड़ की संस्कृति को बयां करने वाली किताबें भी आपको मिल जाएंगी. दुकान संचालक ललित बताते ... Read more
राजस्थानी हैंडीक्राफ्ट से लेकर आउटफिट तक… देहरादून की इस दुकान पर मिलता है सबकुछ, जानें लोकेशन
हिना आज़मी/देहरादून: हमारे देश में अलग-अलग तरह की शैलियों में कई चीजें तैयार की जाती हैं, जिनमें सबसे ज्यादा राजस्थानी शैलियों की चीजों की डिमांड रहती है. अगर आप राजधानी देहरादून में रहते हैं और राजस्थान की अलग-अलग चीजों का कलेक्शन बनाना चाहते हैं या आपको राजस्थानी ज्वेलरी,ड्रेस आदि पसंद है तो आप देहरादून के राजस्थान इम्पोरियम आ सकते हैं. यहां आपको राजस्थान की ड्रेस, जेवर, गिफ्ट आइटम्स, डेकोरेशन एसेसरीज और बच्चों के लिए कठपुतली जैसे खिलौने मिलते हैं. इसके अलावा यहां राजस्थान में बनाई बहुत हल्की रजाई भी मिलती है. राजस्थान इम्पोरियम की मालकिन अनुराधा शर्मा ने बताया कि ... Read more
देहरादून के युवाओं ने लिया पुरानी नदियों को बचाने का संकल्प, ऐसे कर रहे काम
हिना आजमी/ देहरादून. आज देहरादून में घनी बसाहट के साथ-साथ विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर हमें दिखाई देते हैं, लेकिन पहले ऐसा नहीं था. यहां कई नदियां, नहरें हुआ करती थीं, लेकिन धीरे-धीरे बढ़ती आबादी के कारण ये खत्म होती चली गई. देहरादून की पहचान मानी जाने वाली रिस्पना नदी और बिंदाल नदी भी अब नाले में तब्दील हो चुकी हैं. इनको बचाने के लिए देहरादून के युवा काम कर रहे हैं और लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं, ताकि रिस्पना (ऋषिपरना) और बिंदाल नदी को पुनर्जीवित किया जा सके. MAD संस्था से जुड़े युवा लगातार इन नदियों को साफ करने के ... Read more
जज्बे को सलाम: पलायन रोकने के लिए खेती से लोगों को जोड़ रहे पद्मश्री प्रेमचंद्र, कृषि में करते हैं नये प्रयोग
हिना आज़मी/ देहरादून. उत्तराखंड में पलायन एक बड़ी समस्या है. लोग रोजगार के लिए शहरों और दूसरे राज्यों में जाते हैं, लेकिन कई लोग कृषि से रोजगार की राह खोलते हुए अपने खाली होते गांव को घोस्ट विलेज बनने से रोक रहे हैं. ऐसे ही कहानी है उत्तराखंड के पहाड़ी किसान प्रेमचंद शर्मा की, जो देहरादून के त्यूणी के ग्राम हटाल से हैं. प्रेमचंद शर्मा कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पद्मश्री, किसान भूषण, कृषक सम्राट सम्मान, किसान सम्मान के अलावा कई सम्मानों से नवाजे जा चुके हैं. उन्होंने News18 Local से बातचीत में बताया कि उत्तराखंड के त्यूणी ... Read more