Tag: Uttrakhand

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में  खादी और ग्रामोद्योग के यार्न कताई प्रशिक्षण और खादी पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन

महात्मा गांधी के आदर्शों को अपनाते हुए छात्रों ने चरखा चलाने का भी अनुभव लिया श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (SGRRU) ने अपने यहाँ छात्रों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें यार्न कताई प्रशिक्षण और खादी पर निबंध प्रतियोगिता भी शामिल थी। यह कार्यक्रम महात्मा गांधी के सिद्धांतों और विचारों को पुनः जीवित करने करने की दिशा में एक उत्कृष्ट प्रयास था। महात्मा गांधी ने चरखा और खादी को स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक बनाया था, औरवे मूल्य आज भी उनके आदर्श हमारे जीवन में प्रासंगिक हैं। आयोजन की प्रमुख बातें इस कार्यक्रम का आयोजन SGRRU के मानविकी ... Read more

World Environment Day 2024: Our Commitment to a Sustainable Future

World Environment Day 2024: Our Commitment to a Sustainable Future Today we celebrate World Environment Day, a day dedicated to raising awareness and encouraging action for the protection of our environment. The environment encompasses the air we breathe, the water we drink, and the resources we consume. Without a safe and secure environment, our own safety and well-being are at risk. This year’s theme, “Land Restoration, Desertification, and Drought Resilience,” highlights the urgent need to address these critical issues. Environmental protection is of utmost importance Environmental protection means safeguarding our surroundings to ensure a healthy and sustainable future. Simple practices ... Read more

भ्रष्टाचार की पोल खोलता है श्रीनगर का ये टेलर, आरटीआई को बनाया अपना हथियार

कमल पिमोली/श्रीनगर गढ़वाल. केवल सोच का ही फर्क होता है, वरना समस्याएं आपको कमजोर नही बल्कि मज़बूत बनाती हैं ये पंक्तियां सटीक बैठती है श्रीनगर गढ़वाल के कुशलानाथ पर. पेशे से दर्जी कुशलानाथ ने परिस्थितियों के आगे घुटने टेकने से बेहतर संघर्ष करने का रास्ता चुना. इसी संघर्ष का नतीजा है कि आज श्रीनगर व आस-पास के क्षेत्र में कुशलानाथ किसी पहचान के मोहताज नहीं है. पारिवारिक परिस्थतियों के चलते 12वीं तक पढ़ने के बाद पढ़ाई छोड़ कुशलानाथ ने दर्जी का काम चुना ओर श्रीनगर में दुकान खोल कपड़े सिलने लगे. लेकिन कहते हैं न कि अगर आपके अंदर कुछ ... Read more

पहाड़ी स्वाद और संस्कृति को संजो रहा है ‘रस्याण… एक छत के नीजे मिलेगा सबकुछ, जानें पता

हिना आज़मी/देहरादून: बात पहाड़ की मिट्टी की करें या उस मिट्टी में उपजे अनाज और दालों के स्वाद की या पहाड़ के चटकीले नमक या पहाड़ के अचार और घी के महक की इस जगह की हर चीज अनोखी है. अपने गांव से दूर देहरादून शहर में इन उत्पादों के शौकीन मिल ही जाएंगे. वहीं इसे याद करने वालों के लिए देहरादून में ही ‘रस्याण’ लोगों तक पहाड़ी उत्पाद पहुंचा रही है. यहां पहाड़ी दालें, पहाड़ी उत्पाद, पहाड़ी जूस ,पहाड़ी नमक, पहाड़ी जेवर और पहाड़ की संस्कृति को बयां करने वाली किताबें भी आपको मिल जाएंगी. दुकान संचालक ललित बताते ... Read more

पहाड़ी स्वाद और संस्कृति को संजो रहा है ‘रस्याण’… एक छत के नीजे मिलेगा सबकुछ, जानें पता

हिना आज़मी/देहरादून: बात पहाड़ की मिट्टी की करें या उस मिट्टी में उपजे अनाज और दालों के स्वाद की या पहाड़ के चटकीले नमक या पहाड़ के अचार और घी के महक की इस जगह की हर चीज अनोखी है. अपने गांव से दूर देहरादून शहर में इन उत्पादों के शौकीन मिल ही जाएंगे. वहीं इसे याद करने वालों के लिए देहरादून में ही ‘रस्याण’ लोगों तक पहाड़ी उत्पाद पहुंचा रही है. यहां पहाड़ी दालें, पहाड़ी उत्पाद, पहाड़ी जूस ,पहाड़ी नमक, पहाड़ी जेवर और पहाड़ की संस्कृति को बयां करने वाली किताबें भी आपको मिल जाएंगी. दुकान संचालक ललित बताते ... Read more

राजस्थानी हैंडीक्राफ्ट से लेकर आउटफिट तक… देहरादून की इस दुकान पर मिलता है सबकुछ, जानें लोकेशन

हिना आज़मी/देहरादून: हमारे देश में अलग-अलग तरह की शैलियों में कई चीजें तैयार की जाती हैं, जिनमें सबसे ज्यादा राजस्थानी शैलियों की चीजों की डिमांड रहती है. अगर आप राजधानी देहरादून में रहते हैं और राजस्थान की अलग-अलग चीजों का कलेक्शन बनाना चाहते हैं या आपको राजस्थानी ज्वेलरी,ड्रेस आदि पसंद है तो आप देहरादून के राजस्थान इम्पोरियम आ सकते हैं. यहां आपको राजस्थान की ड्रेस, जेवर, गिफ्ट आइटम्स, डेकोरेशन एसेसरीज और बच्चों के लिए कठपुतली जैसे खिलौने मिलते हैं. इसके अलावा यहां राजस्थान में बनाई बहुत हल्की रजाई भी मिलती है. राजस्थान इम्पोरियम की मालकिन अनुराधा शर्मा ने बताया कि ... Read more