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जागर के गाने गाकर मशहूर हुईं चमोली की पम्मी नवल, ‘हूं रैणी को दिन’ से मिली पहचान
सोनिया मिश्रा/ चमोली.देवभूमि उत्तराखंड में वैसे तो कई प्रतिभाएं हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक राज्य की लोककला व लोक संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया है. उन्हीं में से एक हैं जागर गायिका पम्मी नवल, जिन्होंने देव जागरों को गाकर सभी के बीच अपना लोहा मनवाया है. गंगू रमोला, पंडों की पंचकेदार जात्रा, अनुसूया माता जागर, गंगा स्नान, जगदी जोन, नंदा देवी, देवी देवरों आयों चि, जैसे प्रसिद्ध जागर गाने वाली लोकगायिका पम्मी नवल चमोली जिले के बंड परगने के नौ गांव बंड पट्टी के गांव गड़ी (अगरथल्ला) की रहने वाली हैं. वह पेशे ... Read more
500 साल पुराना है रम्माण नृत्य…18 तालों में पूरी होती है रामायण, जानें क्या है ‘मुखौटा नृत्य’
सोनिया मिश्रा//चमोली. देवभूमि उत्तराखंड ने सदियों से लोक संस्कृति, लोककलाओं, लोकगाथाओं को संजोकर रखा है और यही बात इसे दूसरों से अलग बनाती है. ऐसी ही एक लोक संस्कृति है रम्माण, जिसने देवभूमि के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र से विश्व सांस्कृतिक धरोहर में अपना स्थान बनाया है. साथ ही जिसने आज भी अपने 500 वर्षों के इतिहास को संजोकर रखा है. चमोली जिले के दूरस्थ विकासखंड जोशीमठ में प्रत्येक वर्ष रम्माण उत्सव का धूमधाम से आयोजित किया जाता है. इसमें रामायण से संबंधित विभिन्न विधाओं की ढोल दमाऊ की 18 तालों में प्रस्तुति की जाती है. इसे ‘मुखौटा नृत्य’ भी ... Read more
Chamoli News: मुश्किल हालातों में भी नहीं मानी हार, जानिए कौन हैं ‘गोल्डन गर्ल’ मानसी नेगी?
सोनिया मिश्रा/ चमोली. उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली के युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है. जनपद के कई युवा राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में पूरे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, उन्हीं में से एक है गोल्डन गर्ल मानसी नेगी (Mansi Negi Walk Race). बेहद सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली मानसी चमोली के मजोठी गांव की है. उनका जन्म 3 मई 2003 को हुआ था. मानसी के पिता का नाम लखपत सिंह और मां का नाम शकुंतला देवी है. घर की पारिवारिक स्थिति ठीक न होने की वजह से परिवार की अन्य महिलाओं ... Read more