Tag: Awareness Program

रणथम्भोर क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण व सिंगल-यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित 

जयपुर। राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड जयपुर द्वारा मुख्य प्रबंधक बी एल नेहरा के निर्देशन में बाघ संरक्षण एवं ग्रामीण विकास समिति सवाई माधोपुर के सहयोग से  शुक्रवार को रणथम्भौर टाइगर रिज़र्व से सटी ग्राम पंचायत हिम्मतपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नयापुरा में विस्तृत जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों एवं महिलाओं को वन्यजीव संरक्षण, स्थानीय जैव विविधता के महत्व, तथा मिशन LiFE के तहत सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने की दिशा में जागरूक करना है ।  कार्यक्रम के दौरान बोर्ड प्रबंधक मनीष कुमार कुलदीप द्वारा बताया गया कि ... Read more

यातायात पुलिस ने कार्यक्रम कर लोगों को किया जागरूक

जयपुर। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान यातायात जागरूकता कार्यक्रम पुलिस उपायुक्त यातायात जयपुर के निर्देशन में यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार के लिए सड़क सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने शहर के विभिन्न चौराहों-तिराहों सांगानेर सर्किल, कुम्भा मार्ग, सांगानेर बाजार, तरूण छाया नगर, एसएल कट, वैशाली नगर, पीतल फैक्ट्री, गुर्जर की थड़ी, किसान धर्मकाटा और 200 फीट चौराहे पर वाहन चालकों को यातायात नियमों वाले पम्पलेट-पोस्टर बांटे गए। पुलिस निरीक्षक यातायात (पश्चिम ) संजय पूनिया ने बताया कि शहर के सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थीयों को यातायात और सड़क-सुरक्षा की जानकारी दी गई। जीरोवन ... Read more

पहाड़ में जंगलों की आग आज भी बड़ी चुनौती, अब 'कठपुतली' को मिली जागरूकता की जिम्मेदारी

रोहित भट्ट/ अल्मोड़ा. उत्तराखंड के जंगलों में लगने वाली आग प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या बन कर उभरी है. 20022 की एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में हर साल औसतन 1,978 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग से सुलगता है. इससे वनस्पति एवं जैविक संपदा का नुकसान तो होता ही है, हिमालयी क्षेत्र का पर्यावरण भी बुरी तरह प्रभावित होता है. पिछले 12 वर्षों में उत्तराखंड के जंगलों में आग की 13,574 घटनाएं हुई हैं, फिर भी आग बुझाने की विभागीय तकनीकी पारंपरिक ही है. उत्तराखंड के जंगलों में फायर सीजन में कई लाखों हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो जाते हैं. जिस ... Read more