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राजस्थान नहीं, उत्तराखंड में यहां हैं कैक्टस का ये अनोखा संसार, मौजूद है 100 से अधिक प्रजातियां
देहरादून : अगर आपको लगता है कि कैक्टस केवल रेगिस्तानों तक सीमित हैं, तो देहरादून जू की यह खासियत आपको चौंका सकती है. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित यह जू अब कैक्टस के मिनी संसार के रूप में उभर रहा है. यहां देशभर से लाए गए रंग-बिरंगे और अनोखे कैक्टस पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं. देहरादून जू में कैक्टस की करीब 100 से भी ज्यादा प्रजातियां रखी गई हैं. इनमें रिक रैक, सेरेस, ऑर्गन पाइप, बुटिया मिनिस्कुला, ओपंटिया माइक्रोडेसिस और मिस्टलेटो जैसे दुर्लभ और अनोखे कैक्टस शामिल हैं. इन पौधों को उनकी प्राकृतिक परिस्थितियों के ... Read more
'कल के लिए जल…' पानी बचाने का अनूठा अभियान, जल स्रोतों को गोद लेंगे छात्र
देहरादून. भारत समेत कई देशों में भूमिगत जल कम होता जा रहा है और जल स्रोत सूखते जा रहे हैं. ऐसे में आने वाले कल यानी भविष्य में पानी का संकट खड़ा हो जाएगा. जल ही जीवन है लेकिन अगर जल ही नहीं रहेगा, तो जीवन भी नहीं रहेगा, इसीलिए कल के लिए जल बचाने की सोच सभी में विकसित करने की जरूरत है. आने वाली पीढ़ी जो स्कूलों में है, को जल के महत्व और संकट की चिंता से जोड़ना जरूरी है. इसी कड़ी में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पर्यावरण प्रेमियों ने जल संरक्षण की दिशा में एक ... Read more
महिला प्रेरक समूहों से बदलेगी स्कूलों की तस्वीर, शिक्षा विभाग की अनोखी पहल
देहरादून. उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक अनूठी पहल की है. प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में महिला प्रेरक समूहों (Women Motivator Groups) का गठन किया गया है, जिनका उद्देश्य स्कूलों की समस्याओं का निराकरण करना और बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करना है. ये समूह स्कूल स्तर पर गठित एक कमेटी है, जिसमें स्थानीय महिलाओं को शामिल किया गया है. इसमें विद्यालय प्रबंध समिति की महिलाएं, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की माएं, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाएं और महिला मंगल दल की सदस्य ... Read more
जिलाधिकारी सविन बंसल को मिली शिकायत, DM ने खुद चखा मिड-डे मील
देहरादून. उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ भोजन भी दिया जाता है ताकि उन्हें सही पोषण मिल सके. सभी सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के तहत बच्चों को भोजन दिया जाता है. ऐसे में बच्चों को पौष्टिक खाना उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है. इसी कड़ी में राजधानी देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल सुद्धोवाला स्थित अक्षय पात्र रसोई का निरीक्षण करने पहुंचे, जहां उन्होंने खाना बनाए जाने की प्रक्रिया का जायजा लिया. भोजन की गुणवत्ता देखने के लिए जिलाधिकारी ने बच्चों के लिए पकाए गए भोजन को चखा. देहरादून के डीएम सविन बंसल ने ... Read more
अब छोटी उम्र में नहीं होंगे उत्तराखंड की बेटियों के हाथ पीले, ये है तैयारी
देहरादून: हाल ही में केंद्र सरकार ने बाल विवाह को रोकने के लिए ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ की शुरुआत की है. उत्तराखंड में भी इसकी तैयारियां भी शुरू हो गयी हैं. साल 2029 तक देशभर को पूरी तरह से बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है. उत्तराखंड की कई संस्थाओं ने भी इसके लिए कमर कस ली है. इसी क्रम में उत्तराखंड की ‘समर्पण सोसाइटी फॉर हेल्थ रिसर्च एंड डेवलपमेंट’ भी काम कर रही है. ये संगठन बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए काम कर रहे 250 से भी ज्यादा गैरसरकारी संगठनों के देशव्यापी गठबंधन ‘जस्ट राइट्स ... Read more
उत्तराखंड के सभी स्कूलों में बनेगी 'अपार आईडी', छात्रों को मिलेगी यूनिक डिजिटल पहचान
Dehradun: वन नेशन वन आईडी की तर्ज़ पर राजधानी देहरादून समेत राज्य के सभी जिलों के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में ‘अपार आईडी’ बनाई जा रही है. यह छात्रों का डिजिटल आईडी कार्ड है. ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक रजिस्ट्री यानि APAAR ID का मकसद सभी छात्रों के लिए एक खास पहचान प्रणाली को विकसित करना है. यह पहल केंद्र के वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी कार्यक्रम का हिस्सा है. देहरादून समेत विकासनगर, चकराता, कालसी, त्यूणी में भी बच्चों की ये विशेष डिजिटल आईडी तैयार की जा रही है. देहरादून जनपद की बात की जाए तो अभी तक 14 प्रतिशत बच्चों का ... Read more
इस स्कूल में नहीं होती केवल पढ़ाई, यहां सिखायी जाती है कला, निखारा जाता है कौशल
देहरादून: भारत सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की अवधारणा पर काम कर रही है. सरकारी स्कूलों में बेटियों को पढ़ाया भी जा रहा है. वहीं देहरादून का एक ऐसा स्कूल भी है जहां की छात्राएं शिक्षा के साथ कौशल पर भी काम कर रहीं हैं. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के चकराता ब्लॉक में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय है. देहरादून का यह इकलौता ऐसा सरकारी हॉस्टल है जहां की स्टूडेंट्स सिर्फ पढ़ाई नहीं करती हैं बल्कि कई तरह की आर्ट्स पर काम करती हैं. बहुत कुछ करती हैं छात्राएंइसमें रेज़िन आर्ट, स्टोन आर्ट्स, वेस्ट मटेरियल से हैंडीक्राफ्ट आर्ट्स आदि शामिल ... Read more
उत्तराखंड के मात्र 47 सरकारी स्कूलों में नहीं हैं शौचालय! जानें क्या कहते हैं आंकड़ें?
देहरादून : स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर शौचालय योजना की शुरुआत की गई है. जिसका मूल उद्देश्य भारत को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाना था. इसके विपरीत, उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शायद ये सपना अधूरा दिखाई दे रहा है. आलम ये हैं कि नैनीताल जिले में 26, देहरादून के 11, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिले में 1, टिहरी के 05 और चंपावत जिले के 03 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां कोई शौचालय ही नहीं है. भारत को शौच मुक्त करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना है. इसके क्रियान्वयन के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाएं बनाई ... Read more
IPS Deepam Seth: 1 साल बाद मिला उत्तराखंड को स्थाई DGP…दीपम सेठ ने लिया चार्ज!
देहरादून : उत्तराखंड पुलिस को नया मुखिया मिल गया है. 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपम सेठ ने सोमवार को राज्य के 13वें डीजीपी के रूप में कार्यभार संभाला. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद उन्होंने पुलिस विभाग की कमान संभाली. देहरादून पुलिस मुख्यालय में पदग्रहण समारोह के दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. आइए जानते हैं आखिर कौन हैं दीपम सेठ? उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में जन्मे दीपम सेठ ने अपनी स्कूली शिक्षा नैनीताल के प्रतिष्ठित शेरवुड कॉलेज से पूरी की. इसके बाद उन्होंने BITS पिलानी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. आईपीएस दीपम सेठ ने अपनी शिक्षा ... Read more
Public Opinion: दून में बढ़ता नाइट कल्चर…नशे में डूब रहे युवा, बच्चों के साथ मां-बाप भी दोषी! जानें लोगों की राय
देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ‘नाइट लाइफ कल्चर’ तेजी से पांव पसार रहा है. शहर की आवोहवा बदल रही है, लेकिन इसके साथ ही अपराध और असुरक्षा के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. हाल के महीनों में बार, नाइट क्लब और हाउस पार्टियों का चलन युवाओं को खूब आकर्षित कर रहा है. लेकिन इसी के साथ सड़क पर हुड़दंग, शराब के नशे में मारपीट और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं. आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश अपराध रात के अंधेरे में ही होते हैं. पार्टियों से लौटते समय नशे में धुत युवाओं का सड़कों ... Read more