Tag: Maha Kumbh 2025
भारत के आध्यात्मिक इंफ्रास्ट्रक्चर के नेतृत्व की कहानी बताता है कुंभ… गौतम अदाणी का ब्लॉग
अहमदाबाद: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ‘महाकुंभ 2025’ का आयोजन जारी है. 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में रोजाना लाखों-करोड़ों श्रद्धालु आ रहे हैं. अदाणी ग्रुप महाकुंभ में इस्कॉन के साथ मिलकर महाप्रसाद सेवा कर रहा है. अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी अपनी पत्नी प्रीति अदाणी के साथ 21 जनवरी को महाकुंभ पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने संगम में पूजा के बाद प्रसाद सेवा भी की थी. अब उन्होंने सोमवार को महाकुंभ पर एक ब्लॉग लिखा है. LinkedIn प्लेटफॉर्म पर लिखे अपने ब्लॉग में गौतम अदाणी ने बताया कि कैसे महाकुंभ भारत के आध्यात्मिक इंफ्रास्ट्रक्चर के नेतृत्व की ... Read more
कौन हैं महाकुंभ में आए IIT बाबा? जानिए कैसे अभय सिंह एयरोस्पेस इंजीनियरिंग छोड़ बन गए संन्यासी
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक उत्सव महाकुंभ का आयोजन इस बार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हो रहा है. देश-विदेश से श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं. नागा बाबाओं, अघोरियों और महिला संतों और दुनिया के सबसे सम्मानित धार्मिक नेताओं से मिलने के लिए महाकुंभ एक मंच है. यहां कोई श्रद्धालु भगवान शंकर का रूप लेकर आता है, तो किसी ने मां काली का वेश धारण किया है. इन सबके बीच महाकुंभ में आए एक IITian Baba’ की काफी चर्चा हो रही है. महाकुंभ में इन्हें लोग इंजीनियर बाबा भी कहते हैं. इनका ... Read more
महाकुंभ 2025: क्या आप 10-12 घंटे खड़े रह सकते हैं? मिलिए इन बाबा से जो छह साल से खड़े हैं!
नई दिल्ली: अदालतों में किसी छोटी-मोटी गलती पर कोर्ट के उठने तक खड़े रहने की सजा दी जाती है. इसी तरह स्कूलों में टीचर उद्दंड छात्रों को पूरे पीरियड में खड़े रहने की सजा दे देते हैं. यह सजा पाने वाले एक से तीन-चार घंटे तक खड़े रहने के बाद पस्त हो जाते हैं और अपने कान पकड़ते हैं. यदि आपको 24 घंटे तक खड़ा रखा जाए तो क्या होगा? लेकिन महाकुंभ के तप और आस्था के रंग अपने प्रण पर अटल एक ऐसे महाराज आए हैं जो पिछले छह साल से लगातार खड़े हैं. प्रयागराज में महाकुंभ मेले में ... Read more
हिमांगी सखी को मिला साध्वी त्रिकाल भवंता का साथ, अब किन्नर और महिला अखाड़ा की ताकत बढ़ेगी?
हिमांगी सखी अब जगद्गुरु बन गई हैं. उन्हें महिला अखाड़े की महंत साध्वी त्रिकाल भवंता ने पट्टाअभिषेक कर ये उपाधि दी. हिमांगी सखी विश्व की पहली किन्नर महामंडलेश्वर हैं. 2014 में पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं. महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने खुद बताया था कि उनका जन्म गुजरात के बड़ौदा में हुआ है.उनके पिता राजेंद्र बेचर भाई पंचाल थे. उनकी मां चंद्रकांता रघुवीर कुमार गिरी पंजाबी फैमिली से थी. हिमांगी के मुताबिक, मुंबई के होली फैमिली कॉन्वेंट स्कूल में उनकी पढ़ाई हुई. मगर, मेरे पिता का हार्ट अटैक होने के बाद मां समेत सभी मुंबई ... Read more