हल्द्वानी: उत्तराखंड में लक्षित क्षेत्रों में रोजगार सृजन और व्यावसायिक प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सहसपुर प्रशिक्षण केंद्र (देहरादून) को राज्य के स्किल हब के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां नौ विभिन्न प्रशिक्षण क्षेत्रों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे. प्रथम चरण में पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं. लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे स्किल हब में प्रशिक्षुओं को आवासीय सुविधा का भी लाभ मिलेगा.
आईटीआई सहसपुर में पांच प्रयोगशालाओं के साथ स्किल हब की स्थापना की जा रही है. इसका मकसद विद्युत, विनिर्माण और उत्पादन से संबंधित प्रौद्योगिकी में उच्च गुणवत्ता प्रशिक्षण आयोजित करना है. इसके जरिये आईटीआई पास करने के बाद छात्रों को अंतरराष्ट्रीय उद्योग में मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा. कौशल विकास विभाग की ओर से उत्तराखंड में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संचालित किए जा रहे है. जीआईटीआई काशीपुर में श्नाइडर इलेक्ट्रिक के साथ साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक तकनीक पर आधारित उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की गई है. इसमें हर साल 240 आईटीआई पास छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. हर साल 160 आईटीआई पास प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसमें सीएडी, सीएएम, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के साथ प्रशिक्षुओं का वेतन 20,000 रुपये प्रतिमाह है.
पहले चरण में पांच सेंटर की स्थापना
कौशल विकास विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि देहरादून सहसपुर में पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आवासीय सुविधा के स्थापित किए जाएंगे. इससे आईटीआई प्रशिक्षुओं को इलेक्ट्रिकल, प्रोडक्शन और उत्पादन के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा. वहीं, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के सचिव विजय कुमार यादव ने कहा कि सहसपुर में उत्तराखंड स्किल हब के तहत पहले चरण में पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है. इसमें प्रदेश के युवाओं को व्यावसायिक 6 प्रशिक्षण के साथ ही आवासीय सुविधा का भी लाभ मिलेगा.
सहसपुर स्किल हब के अंतर्गत प्रस्तावित सेवा क्षेत्र
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट सेल– राज्य में सभी विदेशी नौकरी सुविधा के लिए एक नोडल केंद्र के रूप में कार्य करना.
प्रशिक्षुता कार्यक्रम– राज्य में प्रशिक्षुता संवर्धन गतिविधियों के लिए एक नोडल केंद्र के रूप में कार्य करना.
मॉडल करियर सेंटर- युवाओं को लाभकारी रोजगार से जोड़ने के लिए करियर सह परामर्श केंद्र के रूप में कार्य करना.
संकाय विकास- सरकारी आईटीआई और व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण आयोजित करना.
फिनिशिंग स्कूल मॉडल- लाभार्थियों के रोजगार की संभावना के लिए डोमेन और नर्म कौशल प्रशिक्षण शुरू करने का केंद्र बनेगा.
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FIRST PUBLISHED : May 17, 2024, 13:11 IST
