राहुल सिंह/ हल्द्वानी. उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. खेल, संगीत, एक्टिंग, कला से लेकर हर क्षेत्र में राज्य के तमाम लोगों ने अपने हुनर का परिचय दिया है. इस फेहरिस्त में अब एक साढ़े पांच साल का बच्चा भी शामिल हो गया है. हम बात कर रहे हैं कुमाऊं के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले शहर हल्द्वानी के रहने वाले तेजस तिवारी (Tejas Tiwari Chess Uttarakhand) की. तेजस दुनिया के सबसे कम उम्र के शतरंज खिलाड़ी बन गए हैं. अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (International Chess Federation aka FIDE) ने उन्हें सबसे कम उम्र का खिलाड़ी घोषित किया है. FIDE की सूची में तेजस को 1149वीं रेटिंग मिली है. महासंघ ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर इसकी लिस्ट भी जारी की है.
तेजस तिवारी हल्द्वानी के सुभाष नगर क्षेत्र के रहने वाले हैं. इससे पहले वह उत्तराखंड के ‘यंगेस्ट चेस प्लेयर’ का खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं.वह दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल में UKG के छात्र हैं.उनके पिता शरद तिवारी सामाजिक कार्यकर्ता हैं और माता इंदु तिवारी गृहिणी हैं. शरद भी कुमाऊं विश्वविद्यालय के शतरंज खिलाड़ी रह चुके हैं. उन्होंने बताया कि FIDE की ओर से उन्हें इस संबंध में ईमेल मिला है. उन्हें इससे पता चला कि तेजस दुनिया के सबसे कम उम्र के शतरंज खिलाड़ी हैं. यह वाकई हमारे लिए खुशी की बात है.
12 राज्यों में शतरंज खेल चुके हैं तेजस तिवारी
उन्होंने आगे बताया कि हाल ही में रुद्रपुर में आयोजित हुई पहली स्व. धीरज सिंह रघुवंशी ओपन FIDE रेटेड शतरंज प्रतियोगिता में तेजस तिवारी ने चार ड्रॉ और दो जीत के साथ यह रेटिंग प्राप्त की है. तेजस अब तक पांच राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. वह भारत के अब तक 12 राज्यों में खेल चुके हैं.
‘किसी उम्र की मोहताज नहीं प्रतिभा’
दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल प्रवलीन सलूजा वर्मा ने कहा कि इतनी कम उम्र में तेजस तिवारी ने हम सभी को गौरवांवित किया है. उसने साबित किया है कि प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती.
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FIRST PUBLISHED : July 26, 2023, 12:27 IST
