रिपोर्ट : हिमांशु जोशी

पिथौरागढ़. उत्तराखंड सरकार के एक नए फैसले के बाद उत्तराखंड के 3000 से ज्यादा सरकारी स्कूलों को बंद करने की तैयारी चल रही है. पिथौरागढ़ जिले की अगर बात करें तो यहां 370 ऐसे विद्यालय हैं, जो छात्र संख्या कम होने के कारण बंद होने के कगार पर हैं. दरअसल शिक्षा विभाग ने अब सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए नया कदम उठाया है, जिसमें अब वह राज्य के ऐसे सरकारी स्कूल बंद करने की तैयारी में है, जहां छात्र संख्या 10 से कम है.

राज्य सरकार द्वारा गांव-गांव में प्राथमिक विद्यालय खोले गए थे लेकिन उन विद्यालयों की स्थिति बिगड़ती गई और नतीजा यह रहा कि अब इनमें से कई विद्यालय बंद होने वाले हैं. पिथौरागढ़ में ऐसे कई दुर्गम इलाके हैं, जहां के बच्चे अपने ही गांव में शिक्षा ले रहे हैं और ऐसे दुर्गम इलाकों में शिक्षक की नियुक्ति करना भी विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है और कई गांव को अच्छी शिक्षा न मिल पाने के कारण पलायन कर चुके हैं.

पिथौरागढ़ के बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र सती ने जानकारी देते हुए कहा कि जिले में 370 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय चिह्नित किये गए हैं, जहां छात्र संख्या 10 से कम है, जिन्हें बंद करने की कार्यवाही चल रही है और वहां पढ़ने वाले छात्रों को आसपास के आदर्श विद्यालयों में शिफ्ट किया जाएगा और बच्चों के आवागमन के लिए गाड़ी और एस्कॉर्ट सुविधा भी विभाग द्वारा की जाएगी.

सरकार के इस फैसले का असर पहाड़ी इलाकों में ज्यादा देखने को मिलेगा. शिक्षा के अभाव में पहले ही पलायन कर चुके गांवों में जो परिवार बचे हैं, वे अपने बच्चों को आसपास के गांवों में शिक्षा के लिए भेजते हैं और कई इलाके तो ऐसे हैं, जहां सड़क ही नहीं पहुंच सकी है.

उत्तराखंड प्राइमरी शिक्षक संघ के अध्यक्ष जितेंद्र वल्दिया ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि सरकार ऐसे विद्यालयों में शिक्षक की तैनाती तो कर नहीं पाई है और गांव में बने ऐसे विद्यालयों की स्थिति पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया और आज उनकी स्थित सुधारने के बजाय उन्हें बंद करने का फैसला पहाड़ी क्षेत्र के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है.

Tags: Government School, Pithoragarh news, Uttarakhand news

By admin

Leave a Reply