कोचिंग सेंटर ने गाइडलाइन तोड़ी तो होगी कार्रवाई, हर बात वैबसाइट पर करनी पड़ेगी सार्वजनिक

कोटा। भारत सरकार के उच्चतर शिक्षा विभाग शिक्षा मंत्रालय ने देश भर के कोचिंग केन्द्रों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइड लाइन के अनुरूप ही अब कोचिंग संचालकों को चलना पड़ेगा। कोचिंग गाइड़ लाइन की अवहेलना पर अब दंड़ का प्रावधान भी रखा गया है। यदि कोचिंग संस्थान पहली बार गाइड लाइन तोड़ने का अपराध करता है तो 25 हजार, दूसरी बार तोड़ता है तो एक लाख रुपए दंड़ लगाया जाएगा।  तीसरी बार भी यदि अपराध किया गया तो पंजीकरण रद्द किया जा सकेगा। हालांकि इस निर्णय पर कोचिंग को अपील का अधिकार है। 

डमी स्टूडेंट प्रक्रिया हो सकेगी बंद
कोचिंग कल्चर के कारण डमी स्टूडेंट प्रणाली भी अब बंद हो सकती है। क्यूंकि कोचिंग 16 वर्ष से कम आयु के छात्र का नामांकन नहीं करेगा या छात्र का नामांकन माध्यमिक स्कूल परीक्षा के बाद ही किया जाना चाहिए। कोचिंग की गुणवता या उसमें दी जाने वाली सुविधाओं या उस कोचिंग केंद्र या वहाँ पढ़ने वाले छात्र द्वारा प्राप्त परिणाम के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी दावे से संबंधित किसी भी भ्रामक विज्ञापन को प्रकाशित नहीं करेगा या प्रकाशित करने का कारण नहीं बनेगा या प्रकाशन में शामिल नहीं होगा। ट्यूटर्श की योग्यता, कोचिंग की समय सारणी, ली गई फीस और कोचिंग बल‘ के संबंध में निर्दिष्ट सामान्य जानकारी के बारे में आवश्यक सूचना वेबसाइट और ब्रांच परिसर में प्रमुख स्थान पर सूचना पट्ट पर प्रदर्शित की जाएगी।

हर जानकारी करनी पड़ेगी सार्वजनिक
कोचिंग को अब फीस, आसान निकास नीति,कोचिंग कर ने वाले छात्रों की संख्या, सफल छात्रों की संख्या, ट्यूटर्स की योग्यता, के अलावा अपनी हर बात को उसे वैबसाइट पर सार्वजनिक करना होगा। नई गाइडलाइन में जहां कोचिंग केन्द्रों पर शिकंजा कसेगा वहीं कोचिंग के नाम पर रूपए लूटने वाली संस्थाओं पर अब नियंत्रण भी साबित किया जा सकेगा। अब कोचिंग संस्थान लापरवाही पूर्वक प्रचार प्रसार के साथ झूंठी गारंटी नहीं दे सकेंगे। इस झूंठी गारंटी में फंस कर ही प्रतिवर्ष कोचिंग संस्थानों के कई बच्चे आत्महत्या कर लेते हैं। 

पंजीकरण आवश्यक
नई गाइडलाइन के अनुसार अब कोचिंग संस्थान को अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। कोचिंग केंद्र को पंजीकरण प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए पंजीकरण की समाप्ति की तारीख से दो महीने पहले, समुचित सरकार द्वारा निर्दिष्ट रूप में, शुल्क एवं दस्तावेजों सहित, सक्षम प्राधिकारी को आवेदन करना होगा। अभिभावकों/छात्रों को कोचिंग केंद्र में नामांकन कराने के लिए भ्रामक वादे या रैंक अथवा अच्छे अंकों की गारंटी नहीं देगा।

छात्रों को मिलेगा रिलेक्सछात्रों को मिलेगा रिलेक्स
– कोचिंग केंद्र इस तरह से कोचिंग कक्षाएं संचालित करेंगे कि यह एक छात्र के लिए  एक दिन में 5 घंटे से अधिक न हो और कोचिंग का समय न तो सुबह बहुत जल्दी हो और न ही शाम को बहुत देर तक हो।
– इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में प्रवेश के विकल्पों के अलावा, छात्रों को अन्य करियर विकल्पों के बारे में जानकारी प्रदान की जाए, ताकि वे अपने भविष्य को लेकर तनावग्रस्त न हो और वैकल्पिक करियर का नया विकल्प चुन सकें।
– छात्रओं और अभिभावकों को इस बात से अवगत कराया जाएगा कि कोचिंग केंद्र में प्रवेश मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, कानून आदि संस्थानों में प्रवेश या प्रतियोगी परीक्षा में तरह से सफलता की गारंटी नहीं है। 
– कोचिंग केंद्र को मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों के सहयोग से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में समय-समय पर कार्यशालाएं और संवेदीकरण सत्र आयोजित करने चाहिए।
– कोचिंग केंद्र अपने द्वारा आयोजित मूल्यांकन परीक्षा के परिणाम को सार्वजनिक नहीं करेगा। मूल्यांकन परीक्षण को गोपनीय रखते हुए इसका उपयोग छात्र के प्रदर्शन के नियमित विश्लेषण के लिए किया जाना चाहिए और जिस छात्र का शैक्षणिक प्रदर्शन खराब हो रहा है, उसे इन दिशानिदेर्शों के प्रावधानों के अनुसार परामर्श प्रदान किया जाना चाहिए।
– पंजीकरण या सामान्य शर्तों के किसी भी नियम और शर्तों के उल्लंघन के मामले में, कॉ?ि केंद्र निम्नानुसार दंड के लिए उत्तरदायी होगा
– पहले अपराध के लिए 25,000/- रुपए
– दूसरे अपराध के लिए 1,00,000/- रुपए
– बाद के अपराध के लिए पंजीकरण रद्द करना
– पंजीकरण रद्द करना

सुरक्षित केन्द्र जरूरी
– कोचिंग केंद्र भवन को अग्नि सुरक्षा मोड, करना होगा और समुचित सरकारका निर्धारित समुचित और अन्य क अधिकारियों से अग्नि और सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा।
– कोचिंग केंद्र में जहां भी आवश्यक हो, सीसीटीवी कैमरे उपयुक्त रूप से गार आएं और भली-भांति सुरक्षा बनाए रखी जाएगी।
– छार्ग की शिकायत दर्ज कराने के लिए विंग केंद्र में एक शिकायत पेटी या रजिस्टर स्था जा सकता है। 
– कोचिंग केंद्र के भवन परिसर में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालयों का प्रावधान किया जाएगा।
– कोचिंग केंन्द्र यह सुनिश्चित करेगा कि छात्रोंं और शिक्षकों को साप्ताहिक अवकाश मिले।
– साप्ताहिक अवकाश के अगले दिन कोई मूल्यांकन परीक्षा अथवा अन्य कोई परीक्षा नहीं होगी।