देहरादून. उत्तराखंड में गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल खुल गए हैं. कई जिलों में एक जुलाई से स्कूलों में पढ़ाई भी शुरू हो गई है. गलती करने पर आपने स्टूडेंट्स को सजा मिलते तो जरूर देखा होगा लेकिन राजधानी देहरादून से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रिंसिपल और शिक्षकों को सजा के तौर पर उनके वेतन पर रोक लगाई है. दरअसल मामला देहरादून के बुल्लावाला का बताया जा रहा है, जहां मंगलवार को शिक्षा विभाग के अधिकारी औचक निरीक्षण के लिए राजकीय इंटर कॉलेज बुल्लावाला पहुंचे. यहां टीचर तो छोड़िए, प्रिंसिपल भी अपनी क्लास और कार्यालय को छोड़ बाहर घूमते नजर आए. विद्यालय में जिम्मेदार लोगों के द्वारा ही अनुशासनहीनता करता देख शिक्षा विभाग के अफसर भड़क गए और एक्शन में आए अफसरों ने अगले आदेश तक प्रिंसिपल सहित सारे टीचर्स की तनख्वाह रोक दी है.
मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार ने जानकारी दी कि गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने के बाद विभाग के अधिकारी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए स्कूलों में गए. इस दौरान मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज बुल्लावाला में शिक्षकों और विद्यालय के प्रधानाचार्य ड्यूटी छोड़ बाहर घूमते नजर आए. जिसके बाद उनके वेतन पर रोक लगा दी गई है. उन्होंने कहा कि स्कूलों में लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर सख्ती बरती जाएगी. विभाग द्वारा इसके सख्त निर्देश दिए गए हैं. नियम के विरुद्ध काम करने वालों पर कठोर कदम उठाया जाएगा.
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की गाज सिर्फ राजकीय इंटर कॉलेज बुल्लावाला में शिक्षकों पर ही नहीं गिरी है बल्कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती कुड़कावाला की एक टीचर भी नदारद मिलीं, तो उनका वेतन भी रोक दिया गया है. नया सत्र शुरू हुए तीन महीने बीत चुके हैं लेकिन डोईवाला और शमशेरगढ़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अब तक बच्चों को किताबें नहीं मिली हैं. ऐसे में प्रधानाचार्यों से जवाब मांगा गया है.
FIRST PUBLISHED : July 3, 2024, 12:17 IST
