शहर में धड़ल्ले से दौड़ रही ओवरलोडिंग वाहन
कोटा। किसी भी शहर में कहीं आने जाने के लिए निजी वाहनों के अलावा ऑटो व मैजिक टैक्सी सबसे बड़ा साधन होते हैं, जिनमें शहर के लाखों लोग हर दिन सफर करते हैं। लेकिन शहर के कुछ ऑटो व मैजिक टैक्सी वाले चंद रुपए की ज्यादा कमाई करने के लिए अपनी सवारियों की जान जोखिम में डालने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। इनके मालिक तीन सवारी वाले ऑटो में 5 से 7 सवारी बैठाकर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। दूसरी ओर नियमित रूट पर चलने वाले मैजिक टैक्सी में भी भेड़ बकरियों की तरह लोग बिठाए जा रहे हैं। वहीं सड़कों पर दौड़ रहे इन वाहनों से बेखबर प्रशासन भी कारवाई करने में लचीला प्रतीत हो रहा है। शहर के छोटे मार्गों से लेकर बड़े चौराहों तक आप इन वाहनों को आसानी से देख सकते हैं।
सुरक्षा का बिल्कुल नहीं रख रहे ध्यान
शहर में चल रहे ये टैक्सी वाहन और मैजिक चालक सुरक्षा का बिल्कुल ध्यान नहीं रख रहे हैं। तीन सवारी वाले ऑटो में 5 से 7 सवारी बिठा रहे हैं, तो मैजिक टैक्सी वाले 7 सीटर में 10 से 12 लोग बिठाकर सड़कों पर फर्राटे से दौड़ रहे हैं। इसके अलावा ऑटो में पीछे जगह नहीं होने पर चालक सवारी को सुरक्षा को बिल्कुल नजर अंदाज करते हुए अपने साथ अपनी सीट पर बिठा रहा है। ऐसे में वाहन असंतुलित भी होकर पलट भी सकता है जिससे हमेशा एक बड़े हादसे की संभावना बनी रहती है। इसी तरह सड़कों पर दौड़ते मैजिक में सवारियां दरवाजे पर बैठकर सफर कर रही हैं। जहां जरा सी चूक से एक बड़ी घटना घटित हो सकती है। वाहन चालक क्षमता से अधिक सवारियां बिठाकर यातायात और परिवहन नियमों को तो तोड़ ही रहे हैं साथ ही खुदके साथ दुसरों के लिए भी मृत्यु का कारण बन रहे हैं।
इन जगहों पर सबसे ज्यादा ओवरलोडिंग
वैसे तो शहर के हर इलाके में ऑटों चालकों द्वारा ओवरलोडिंग की तस्वीरें आपको आसानी से मिल जाएंगी, लेकिन कुछ इलाके ऐसे हैं जहां सबसे ज्यादा ओवरलोड़िग हो रही है। शहर में पूरानी सब्जी मंडी से श्रीराम नगर तक चलने वाले नियमित मैजिक, पूरानी सब्जी मंडी से ही विज्ञान नगर तक चलने वाले मैजिक और एरोड्रॉम से अनंतपुरा तक चलने वाले मैजिकों में लगभग एक जैसे हालात हैं। जो क्षमता से ज्यदा सवारियां लादकर चल रहे हैं। इसके अलावा कई स्कूलों में लगे हुए ऑटो भी बच्चों को भेड़ बकरियों की तरह ठूंस कर सड़कों पर बेझिझक दौड़ रहे हैं। सवारी ऑटो को छोड़ भी दें, तो स्कूलों में लगे हुए ऑटो मासूम बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
मैं जेडीबी कॉलेज में पढ़ती हूं, और रोज मैजिक से आना जाना होता है। मैजिक वाले जब तक ऑटो नहीं भरता चलते नहीं वहीं बीच बीच से भी सवारियां बिठा लेते हैं। जिस कारण 4 की जगह पर जबरदस्ती 5 लोगों को बैठना पड़ता है।
– शिल्पा कुमारी, कंसुआ
आने जाने के लिए मैजिक ऑटो ही सबसे बढ़िया
साधन है और ये आसानी से मिल जाते हैं इसलिए इनका ही उपयोग करने से मैजिक चालक मनमानी करते हैं। विरोध करो तो उतरने को बोल देते हैं।
– मनोज नागर, गोविंद नगर
कई बार ओवर लोडिंग मैजिक में बैठा हूं स्थिति बहुत खराब हो जाती है, वहीं ऑटो बड़े चौराहों से निकलता है जहां पुलिस भी खड़ी रहती है लेकिन कोई कारवाई नहीं होती। क्षमता से ज्यादा बिठाना बिल्कुल गलत है।
– देवेंद्र नागर, डीसीएम
ओवरलोडिंग वाले वाहनों को पकड़कर निरंतर कारवाई जारी है। बडेÞ चौराहों पर भी ऐसे वाहनों का चालान बनाया जाता है। आगे भी ऐसे वहन दिखने पर उचित कारवाई की जाएगी।
– पूरण सिंह मीणा, ट्रैफिक इंस्पेक्टर