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सुविधाघर हो रहे जीर्ण-शीर्ण, जिम्मेदार बेखबर

सीसवाली।  सीसवाली कस्बे में नगरपालिका होने के बावजूद भी स्वच्छता की धज्जियां उड़ रही है। प्रताप चौक बस स्टेण्ड पर सुविधाघर पिछले कई वर्षों से जीर्ण शीर्ण होने की वजह से दुकानदारों, यात्रियों सहित अन्य कस्बेवासियों को लघुशंका के लिए भटकना पडता है जबकि आसपास क्षेत्र के गांवों के लोग सीसवाली से बारां मांगरोल, कोटा, इटावा सहित अन्य शहरों की यात्रा करने के लिए बस स्टेण्ड पर बैठते है। वहीं कोटा, मांगरोल से आने वाली बसे भी सीसवाली प्रताप चौक बस स्टेण्ड पर रूकती है। जिससे यात्रियों को लघुशंका के लिए इधर-उधर भटकना पडता है। विशेषत महिला यात्रियों को सुविधा ... Read more

रावतपुरा सड़क के जख्मों पर नहीं लगा मरहम

चौमहला। चौमहला से साकरिया व्याहा रावतपुरा सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो रही है। सड़क में बड़े बड़े गड्डे हो रहे है, जिस कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चौमहला से साकरिया करीब 6 किमी  सड़क मार्ग पूरा क्षतिग्रस्त हो रहा है। इस मार्ग पर जगह जगह गहरे गड्डे हो रहे है, जिससे चार पहिया वाहन तो क्या दो पहिया वाहन भी सही नहीं चल पाते है, इनके साथ साथ पैदल राहगीर भी परेशान हो रहे है। वाहन चालक यह 6 किमी की दूरी दस मिनिट की बजाय 30 से 40 मिनिट में पूरी कर रहे ... Read more

50 पार की उम्र के चालक चला रहे बसें, कई चालक बीपी, शुगर और हार्ट बीमारियों से ग्रसित

कोटा। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों के चालकों को लंबे समय से स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ है। ऐसे में यात्रियों की जान हमेंशा जोखिम में रहती है। रोडवेज में लंबे समय से चालकों की भर्ती नहीं होने से अधिकांश बसे 50 से 55 साल की उम्र वाले चालक चला रहे है। अधेड उम्र के इन चालकों पर काम का भार अधिक होने से यह अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बिना वाहन चला रहे है। अधिक कार्य और थकान से इनका स्वास्थ्य निरंतर गिर रहा है उसके बाद भी रोडवेज की ओर से ना तो नई भर्ती की गई ... Read more

शहर में धड़ल्ले से दौड़ रही ओवरलोडिंग वाहन

कोटा। किसी भी शहर में कहीं आने जाने के लिए निजी वाहनों के अलावा ऑटो व मैजिक टैक्सी सबसे बड़ा साधन होते हैं, जिनमें शहर के लाखों लोग हर दिन सफर करते हैं। लेकिन शहर के कुछ ऑटो व मैजिक टैक्सी वाले चंद रुपए की ज्यादा कमाई करने के लिए अपनी सवारियों की जान जोखिम में डालने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। इनके मालिक तीन सवारी वाले ऑटो में 5 से 7 सवारी बैठाकर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। दूसरी ओर नियमित रूट पर चलने वाले मैजिक टैक्सी में भी भेड़ बकरियों की तरह लोग बिठाए जा रहे ... Read more