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नई सड़क तो दूर एक साल में गड्ढेÞ तक नहीं भर पाई सरकार

सीमलिया। मौजूदा भाजपा सरकार अपने एक वर्ष का कार्यकाल पूरा करने का जश्न मना रही है। सरकार इस एक साल में किए गए विकास कार्यों के बढ़-चढ़ दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट हैं। हकीकत यह है कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और सड़कों की हालत पिछली सरकार से भी बुरी स्थिति में जा पहुंची है। जिन मतदाताओं ने विकास और जर्जर सड़कों की मरम्मत की आस लेकर भाजपा की सरकार बनवाई थी, उन मतदाताओं को तो अभी तक निराशा ही हाथ लगी है। इसका जीता जागता नमूना सीमलिया कस्बा है। आसपास के दर्जनों ... Read more

जर्जर भवन: दहशत में शिक्षा ग्रहण कर रहे नौनिहाल

भण्डेड़ा। क्षेत्र में मूण्डली के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा कक्षों की छत की पट्टियां टूट रही। वही कक्षों की दीवारों में भी दरारें आ चुकी है। इस सरकारी विद्यालय में कक्षा कक्ष कम कक्षाएं अधिक होने से खतरे के साए में शिक्षा ग्रहण करने को नौनिहाल मजबूर है। शाला के जिम्मेदार ने संबंधित विभाग को लिखित-पत्र के माध्यम से अवगत भी करवाया गया। अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। जिसकी वजह से शाला परिवार परेशान हो रहा है।  जानकारी के अनुसार मूण्डली ग्राम में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में आठ कक्षाएं संचालित है। ... Read more

असर खबर का – स्कूली मैदान में खतरा बने अनुपयोगी सूखे कुएं को मलबा डाल कर किया बंद

मिश्रोली।  निकटवर्ती ग्राम पंचायत सिलेहगढ़ के गांव झीकड़िया में राजकीय प्राथमिक स्कूल के खेल मैदान में बच्चों के लिए खतरा बना हुआ अनुपयोगी कुएं को मलबा डालकर बंद कर दिया गया। जिससे स्कूल स्टाफ और बच्चों ने राहत की सांस ली। बच्चे अब स्कूल के इस मैदान आसानी से खेल सकते है और स्कूल के कार्यक्रम के लिए भी अच्छी खासी जगह मिल गई।  गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति की खबर प्रकाशित होने के बाद पंचायती राज विभाग ने मलबा डालकर मंगलवार का कुएं को बदं कर दिया।  प्राचीन अनुपयोगी खुला कुआं बच्चों के लिए खतरा बना हुआ था जिसको ... Read more

50 पार की उम्र के चालक चला रहे बसें, कई चालक बीपी, शुगर और हार्ट बीमारियों से ग्रसित

कोटा। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों के चालकों को लंबे समय से स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ है। ऐसे में यात्रियों की जान हमेंशा जोखिम में रहती है। रोडवेज में लंबे समय से चालकों की भर्ती नहीं होने से अधिकांश बसे 50 से 55 साल की उम्र वाले चालक चला रहे है। अधेड उम्र के इन चालकों पर काम का भार अधिक होने से यह अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बिना वाहन चला रहे है। अधिक कार्य और थकान से इनका स्वास्थ्य निरंतर गिर रहा है उसके बाद भी रोडवेज की ओर से ना तो नई भर्ती की गई ... Read more