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कीचड़ में फंसते नन्हे कदम: स्कूल तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं
छीपाबड़ौद। शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है, लेकिन जब स्कूल तक पहुंचना ही किसी संघर्ष से कम न हो, तो यह सवाल उठता है कि विकास के दावों की सच्चाई क्या है? उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोरधनपुरा के तुमड़ा गांव में स्थित राजकीय विद्यालय तक पहुंचना बच्चों और शिक्षकों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं है। बारिश हो या न हो, कीचड़ और गंदगी से भरे रास्ते उनके लिए रोज की हकीकत बन चुके हैं। गांव के मुख्य मार्ग से विद्यालय तक जाने वाला रास्ता बुरी तरह से कीचड़ और पानी में डूबा रहता है। हालात यह हैं ... Read more
निगम कर रहा सफाई के दावे, हकीकत जनता के सामने
कोटा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर साल होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केन्द्रीय टीम के 15 फरवरी के बाद कोटा आने की संभावना है। सर्वेक्षण को देखते हुए जहां नगर निगम अधिकारी सफाई के दावे कर रहे हैं। वहीं हकीकत में शहर की सड़कों पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं और मेन रोड पर मवेशियों के जमघट लगे हुए हैं। केन्द्रीय टीम के पहले जनवरी में आने की संभावना थी। वहीं अब नए शिड्यूल के तहत 15 फरवरी के बाद टीम के कोटा आने की संभावना है। स्वच्छता सर्वेक्षण को देखते हुए नगर निगम कोटा उत्तर ... Read more
शहर में बेधड़क दौड़ रहे अवधि पार कॉमर्शियल डीजल वाहन
कोटा। शहर की सड़कों पर बेधड़क अवधि पार डीजल कॉमर्शियल वाहन दौड़ रहे हैं। जबकि, कोटा शहर नॉन अटेंनमेंट की श्रेणी में है। इसके बावजूद खटारा वाहनों का संचालन हो रहा है। इनमें कई वाहन तो ऐसे हैं जो 15 साल से भी ज्यादा पुराने हैं, जिनके पास न तो फिटनेस सर्टिफिकेट है और न ही रजिस्ट्रेशन रिन्यू हुए हैं। जिला परिवहन अधिकारियों की लापरवाही से काला धुआं उगल रहे वाहन शहर की आबोहवा में जहर घोल रहे हैं। जबकि, सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस भी तैनात रहती है, इसके बावजूद प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा ... Read more
नई सड़क तो दूर एक साल में गड्ढेÞ तक नहीं भर पाई सरकार
सीमलिया। मौजूदा भाजपा सरकार अपने एक वर्ष का कार्यकाल पूरा करने का जश्न मना रही है। सरकार इस एक साल में किए गए विकास कार्यों के बढ़-चढ़ दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट हैं। हकीकत यह है कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और सड़कों की हालत पिछली सरकार से भी बुरी स्थिति में जा पहुंची है। जिन मतदाताओं ने विकास और जर्जर सड़कों की मरम्मत की आस लेकर भाजपा की सरकार बनवाई थी, उन मतदाताओं को तो अभी तक निराशा ही हाथ लगी है। इसका जीता जागता नमूना सीमलिया कस्बा है। आसपास के दर्जनों ... Read more
स्कूल तक पहुंचने की राह में रुकावट बन रही जर्जर सड़क
रामगंजमंडी। एक तरफ तो सरकार आए दिन नए स्कूल खोल रही है और कई स्कूलों को क्रमोन्नत कर रही है, दूसरी ओर कहीं भवन, कहीं पर्याप्त स्टॉफ तो कहीं पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध करवाने में नाकाम साबित हो रही है। इतना ही नहीं कई स्कूलों तक आने-जाने के रास्ते इतने ऊबड़-खाबड़ और कीचड़ भरे हैं कि बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। स्कूल तक सुचारू रूप से पहुंचने के लिए रास्तों की हालत पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। ऐसा ही मामला सामने आया है रामगंजमंडी के पीपाखेड़ी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ... Read more
कागजों में ही बन रही सड़क, 100 गांवों की जनता भुगत रही खामियाजा
नमाना। नमाना कस्बे से कोटा और बूंदी को जोड़ने वाली सड़कें खस्ताहाल हो रही है। एक तरफ 29 बी स्टेट हाईवे जो की बूंदी – सिलोर-नमाना भोपतपुरा तक मेगा हाइवे की सड़क क्षतिग्रस्त है। दूसरी तरफ 29 बी स्टेट हाईवे जो की बूंदी – सिलोर-नमाना भोपतपुरा तक मेगा हाइवे की सड़क पर भी जगह-जगह गड्ढे हो रहे है। खराब सड़कों की स्थिति को देखकर लोगों को दुर्घटना का डर रहता है। इस रोड से गुजरने वाले स्कूली बच्चों, आम लोगों को दुर्घटना का डर बना रहता है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। 100 गांव का संपर्क इन सड़कों से ... Read more
जोधपुर में भारी बारिश, सड़कें-रेल पटरियां डूबी
जोधपुर। शहर में मंगलवार से भारी बारिश का दौर शुरू हुआ जो बुधवार को भी जारी रहा। इससे शहर के भीतरी और बाहरी कई इलाकों में जलभराव की स्थिति हो गई। लगभग शहर के हर इलाके में जलभराव के हालात देखे गई। भीतरी शहर में सडक़े नदी नाले की तरह नजर आई। बाहरी इलाके पाल रोड, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, गायत्री नगर, डीपीएस चौराहा, बनाड़ रोड, एयरपोर्ट रोड, मंडोर सहित कई इलाकों में सडक़ें तालाब बन गई, जिसके चलते सुबह ऑफिस जाने वाले सरकारी और निजी कर्मचारियों के साथ स्कूली व कॉलेज विद्यार्थियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौसम विभाग ने ... Read more
आजादी के 74 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे ग्रामीण
सांगोद। देश एक ओर जहां आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों गांवों को अभी तक बुनियादी सुविधाओं का इंतजार है। कई गांवों में आज भी जहां लोग पीने के पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं, वहीं चिकित्सा सुविधाएं और पक्की सड़क तो आज भी ग्रामीणों के लिए किसी सपने से कम नहीं है। ऐसा ही एक गांव है सांगोद उपखंड का खजूरी ओदपुर जिसमें आज भी लोगों को पक्की सड़क का इंतजार है। इस गांव के ग्रामीण आज भी धूल भरी कच्ची सड़क से आवागमन करने को मजबूर हैं। वहीं बारिश ... Read more
सड़कों पर मौत बनकर बेखौफ वाहन दौड़ा रहे नाबालिग
कोटा। शहर के प्रमुख चौराहों पर नाबालिग खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस की आंखों के सामने न केवल वाहन दौड़ा रहे बल्कि मोटरयान नियमों का भी मखौल उड़ा रहे हैं। जिम्मेदारों की घोर लापरवाही के कारण नाबालिग खुद के साथ अन्य वाहन चालकों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं। जबकि, कुछ माह पहले ही गुमानपुरा फ्लाईओवर से गिरकर नाबालिग बाइक चालक की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके बावजूद न ट्रैफिक पुलिस और न ही अभिभावकों ने सबक लिया। नतीजन, चौराहों पर हर दिन हादसे हो रहे हैं। इसका ताजा उदारहण हाल ही ... Read more
चुनाव से पहले बनी सड़कों का डामर उधड़ा
कोटा। एक तरफ तो शिक्षा नगरी को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। जहां उम्मीद की जा रही है देशी ही नहीं विदेशी पर्यटक भी यहां आकर विकास को देखे। वहीं दूसरी तरफ सड़कों की हालत इतनी खराब है कि विधानसभा चुनाव से पहले बनी सड़कों का डामर ही उखड़ गया। जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। शहर में पहले जहां सड़कें बनाने का काम सार्वजनिक निर्माण विभाग का था। वह काम अब अधिकतर नगर विकास न्यास के माध्यम से किया जा रहा है। शहर के मुख्य मार्गों की और डिवाइडर साइड की सभी प्रमुख ... Read more