शिक्षा विभाग का गजब खेल! कहीं 54 बच्‍चों पर 18 शिक्षक तैनात तो कहीं एक टीचर के सहारे पूरा स्‍कूल


हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़. उत्तराखंड के शिक्षा विभाग का गजब हाल है. दअरसल पिथौरागढ़ के कई सरकारी स्कूल एक शिक्षक के भरोसे हैं, तो एक इंटर कॉलेज ऐसा भी हैं, जहां नाम मात्र के स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए 16 परमानेंट टीचर्स सहित कुल 18 का स्टाफ तैनात है. हम बात कर रहे हैं पिथौरागढ़ हेडक्वार्टर के करीब पीपलकोट इंटर कॉलेज की. एक दौर था जब पीपलकोट इंटर कॉलेज में छात्रों का जमावड़ा लगा रहता था, लेकिन बदलते वक्त के साथ अन्य सरकारी स्कूलों की तरह यहां भी छात्र संख्या में लगातार कमी आई है.

हालात ये हैं कि इस सरकारी स्कूल में सिर्फ 54 स्टूडेंट्स मौजूद हैं, लेकिन हैरानी इस बात है कि 54 स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए 18 टीचर्स की फौज तैनात की गई है. छात्रों की ये संख्या तब है कि जब जारी सत्र में 9 नए छात्रों ने एडमिशन लिया है. विद्यालय के प्रधानाचार्य एमसी पाठक ने बताया कि विद्यालय में सारी सुविधाएं मौजूद हैं. उन्होंने अभिवावकों से सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करने की अपील भी की है.

पीपलकोट इंटर कॉलेज में जहां तीन स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए एक टीचर तैनात है. वहीं, दुर्गम इलाकों में दर्जनों स्कूल ऐसे भी हैं जो सिर्फ एक टीचर के सहारे सालों से चल रहे हैं. सिंगल टीचर के सहारे चलने वाले सबसे अधिक स्कूल बॉर्डर तहसील धारचूला और मुनस्यारी में हैं. जबकि यहां के स्टूडेंट्स पढ़ाई के लिए सिर्फ सरकारी स्कूलों पर निर्भर हैं. इसके अलावा भी पिथौरागढ़ में 104 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां छात्रों की तादात फिलहाल सौ से कम जा पहुंची है. पिथौरागढ़ के मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने बताया कि सुगम क्षेत्रों के विद्यालयों में स्टाफ पूरा है. जबकि अभी भी दुर्गम क्षेत्रों में स्टाफ की कमी है.

बहरहाल, बीते कुछ सालों में नए स्कूल खुलने के साथ ही प्राइवेट स्कूलों की भी बाढ़ आई है. बावजूद इसके सरकारी स्कूलों में लगातार कम होती छात्र संख्या कई सवाल भी खड़े कर रही है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर जिन स्कूलों में छात्र संख्या अधिक हैं, वहां टीचर्स की तैनाती क्‍यों नहीं होती है.

Tags: Government School, Pithoragarh news, Uttarakhand Education Department

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