तनुज पाण्डे/नैनीताल: नैनीताल के रहने वाले सचिंद्र बिष्ट ने दोनों हाथ कट जाने के बाद भी हार नहीं मानी. उन्होंने जिंदगी के इस दुखद मोड़ के बाद भी जीवन को एक नई दिशा दी. पेशे से फिल्म मेकर, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और पर्वतारोही रहे सचिंद्र कुछ साल पहले सब कुछ छोड़कर नैनीताल आ गए. शहर के ही पास के कस्बे शीतला में लोगों को पर्वतारोहण के गुर सिखा रहे थे. सब कुछ अच्छा चल रहा था. लेकिन एक दिन अचानक आए बुखार ने उनकी दुनिया ही बदल डाली और उनको अपने दोनों हाथ गंवाने पड़े.
कमाल है इस शख्स का जज्बा
लोकल 18 से खास बातचीत के दौरान सचिंद्र ने बताया की मार्च 2023 में वो शीतला में अपने रॉक क्लाइंबिंग स्कूल में पर्वतारोहण सीखा रहे थे. तब अचानक उन्हें तेज बुखार आ गया. उन्हें तत्काल हल्द्वानी ले जाया गया. इसके बाद वो सेप्टिक शॉक में चले गए. उन्हें दिल्ली मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया. जहां चिकित्सकों ने बताया की उनके शरीर में बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो गया है. इस वजह से गैंग्रीन उनके पूरे शरीर में फैल चुका है.
काटनी पड़ी थी उंगलियां
उनका जीवन बचाने के लिए उनके दोनों हाथ और पैरों की उंगलियों को काटना होगा. इसके बाद उनके दोनों हाथों और पैर की उंगलियों को काटना पड़ा. दिल्ली से उपचार के बाद सचिंद्र हल्द्वानी आ गए और वहां दो माह तक इलाज करवाया. उन्होंने बताया की उपचार में करीब 35 लाख रुपए का खर्च आया. उनके रिश्तेदारों और दोस्तों ने उनकी उपचार में मदद की.
पेंटिंग से करते हैं कमाई
सचिंद्र बताते हैं कि उन्होंने अपनी आजीविका चलाने के लिए कटे हाथों की कोहनी में ब्रश लगाकर पेंटिंग करना शुरू किया. और अब तक वो दर्जनों पेंटिंग बना चुके हैं. जिन्हें लोग बेहद पसंद कर रहे हैं. उनकी बनाई पेंटिंग की डिमांड विदेशों तक है. इसके अलावा उन्होंने अपने घर की दीवारों में भी बेहद सुंदर पेंटिंग बनाई है.
FIRST PUBLISHED : July 2, 2024, 14:49 IST
