International Women’s Day 2023: शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस-प्रशासन…हर क्षेत्र में महिलाएं दिखा रहीं अपना दम


रिपोर्ट : ओम प्रयास

हरिद्वार. बदलते समय के साथ बहुत सी चीजें भी बदल गई है. जब कोई महिला पुलिस अधिकारी, प्रशासन, डॉक्टर, पायलट, मंत्री या अन्य बड़े पदों पर बैठती है, तो हमने लोगों को यह कहते सुना है कि आज के समय में महिलाएं किसी से कम नहीं है. वर्तमान दौर में महिलाएं हर एक क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही है. पुलिस विभाग, रेलवे विभाग, प्रशासन, राजनीति, एयरफोर्स, थल सेना जैसे अनेक विभागों में महिलाएं भी पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर काम रही है या फिर यह कहना गलत नहीं होगा कि देश के विकास में महिलाओं का भी उतना ही योगदान है, जितना पुरुषों का है.

महिलाएं घर के साथ-साथ बाहर के काम भी आसानी से कर लेती है. उत्तराखंड के हरिद्वार में बहुत सी औद्योगिक इकाई भी है, जहां ज्यादातर महिलाएं कार्य करती है. काम खत्म होने के बाद वे अपने घर को भी बहुत अच्छी तरह से संभालती है. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को है. इसमौके पर हम आपके लिए यह खास खबर लेकर आए है.जनपद हरिद्वार में महिलाएं पुलिस विभाग से लेकर प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे सभी विभागों में कार्य करती है. विभागों में महिलाएं सभी पदों पर कार्य कर रही है. वही आज के दौर में महिलाएं अधिकारियों के दायित्व को भी अच्छे से निभा रही है.

देश के विकास में महिलाओं का अहम योगदान
हमने पुलिस विभाग में तैनात आईपीएस रेखा यादव से बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि आज के दौर में महिलाएं सभी क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रही है. महिलाओं को जिस क्षेत्र में भी काम करने का मौका मिलता है, वे उसे बखूबी करती है. शिक्षा के माध्यम से ही महिलाएं यूपीएससी जैसी सभी परीक्षाओं को पास कर लेती है और अधिकारी बन जाती हैं. देश के विकास में महिलाएं बराबर की हिस्सेदार हैं.

महिलाओं की इच्छा का हो सम्मान
स्वास्थ्य विभाग में तैनात महिला डॉ नमिता ने हमसे बातचीत में कहा कि उन्हें यह देखकर काफी अच्छा लगता है कि महिलाएं आज के दौर में सभी क्षेत्रों शिक्षा, स्वास्थ्य, एडमिनिस्ट्रेशन, पुलिस विभागों में आगे बढ़ रही है. आज के दौर में भी कुछ जगह ऐसी है, जहां महिलाओं को आगे नहीं आने दिया जाता है. ऐसी महिलाओं को आगे बढ़ने का, पढ़ाई लिखाई करने का मौका दिया जाना चाहिए, जिससे वह देश का नाम रोशन कर सकें. हमारे देश की महिलाओं में कुछ न कुछ करने की इच्छाएं हैं, तो वह जिन्हें अपना आदर्श मानती हैं, उनके पद चिन्हों पर चलें और जो वह बनना चाहती है, जरूर बनें.

अब महिलाएं कमजोर नहीं
एक स्कूल में टीचर किरण ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा के साथ अन्य क्षेत्रों में भी कार्य कर रही हैं. महिलाओं को आगे बढ़ना चाहिए और जो महिलाएं आगे नहीं बढ़ रही हैं, उन्हें भी मौका मिलना चाहिए. वहीं दूसरी शिक्षिका कृष्णा ने बात करते हुए कहा कि आज के समय में महिलाओं ने अपना चहुमुखी विकास किया है और हर क्षेत्र में आगे बढ़ चढ़कर भाग लिया है. पहले महिलाओं को कमजोर माना जाता था लेकिन अब वे हर क्षेत्र में 100 प्रतिशत कार्य कर रही है. जिस क्षेत्र में महिलाएं नहीं जाती थीं, आज के दौर में वहां भी महिलाएं बढ़ चढ़कर काम कर रही हैं. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अपने घर की बहू-बेटियों को अच्छे से पढ़ाइए-लिखाइए. महिलाओं को शिक्षा से अवगत कराइए, वंचित ना कराइए.

अपने हक के लिए होना होगा जागरूक
हरिद्वार में जिला प्रशासन में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात नुपुर वर्मा ने कहा कि महिलाओं के लिए बहुत से कानून बने है. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए बहुत सी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे वह आत्मनिर्भर बन सकती हैं. नौकरी-पेशा होना ही आत्मनिर्भरता नहीं है बल्कि महिलाओं को अपने हक और अधिकारों के लिए खुद ही जागरूक होना होगा.

महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत
हरिद्वार में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने कहा कि महिलाएं पहले से सशक्त है लेकिन आज महिलाओं को मुख्य धारा से जोड़ने की जरूरत है और निर्णय लेने में शामिल करने की जरूरत है. महिलाएं 16 से 18 घंटे काम करती हैं. उत्तराखंड में महिलाएं आज भी आर्थिक तंत्र की रीढ़ हैं. मीरा रावत बताती है कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ उनकी आजीविका बढ़ाने के अवसर पर जोर दिया जाना चाहिए. वहीं पुरुषों को भी यह समझना होगा की वह महिलाओं के काम को सम्मान, आदर दें और उन्हें मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें निर्णय लेने में भी शामिल करें.

 

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