अल्मोड़ा के अस्पताल में अब नशा छुड़ाने का इलाज, इस थेरेपी से शुरुआत


रोहित भट्ट/ अल्मोड़ा. उत्तराखंड के अल्मोड़ा में मेडिकलकॉलेज (Almora Medical College) से संबद्ध बेस अस्पताल में नशा रोगियों का उपचार शुरू हो गया है. यहां मनोचिकित्सकों द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा है. नशे के आदी व्यक्ति को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित कर उनका उपचार किया जा रहा है. बेस अस्पताल में काफी मरीज आ रहे हैं. अगर 200 मरीजों की ओपीडी रोजाना हो रही है, तो इसमें से 50 मरीज नशे के आदी मिल रहे हैं, जो अपना इलाज कराने के लिए बेस अस्पताल आ रहे हैं.

दरअसल, पहाड़ों में नशे के बढ़ते जहर ने हर उम्र के लोगों को अपनी चपेट में लिया हुआ है. नशे के तस्करों के निशाने पर ज्यादातर स्कूल-कॉलेज जाने लड़के-लड़कियां होते हैं, जो इनका आसान शिकार होते हैं. स्मैक के आदी युवा इतनी आसानी से नशा नहीं छोड़ पाते हैं. इसके लिए उनका सही समय पर इलाज और काउंसिलिंग बहुत जरूरी है. बेस अस्पताल आने वाले मरीजों का इलाज काफी बेहतर ढंग से किया जा रहा है. इसका फायदा भी उनमें देखने को मिल रहा है. अस्पताल में स्मैक, शराब, चरस, गांजा आदि नशे को छुड़ाने के लिए मनोचिकित्सक काम कर रहे हैं. Local 18 से बातचीत में डॉक्टर वीना तेजान ने कहा कि नशे के आदी मरीज को नशा छोड़ने के लिए मोटिवेशन थेरेपी दी जाती है और संबंधित दवाई चलाई जाती हैं. इसके बाद मरीज काफी हद तक नशा छोड़ देते हैं.

मोटिवेशन थेरेपी से शुरुआत

मनोचिकित्सक डॉ वीना तेजान ने कहा कि जो भी नशे वाले मरीज आते हैं, उनकी शुरुआत मोटिवेशन थेरेपी से की जाती है. इसके बाद करीब एक महीने तक उन्हें देखरेख में रखा जाता है और इस दौरान वह लगभग नशा छोड़ देते हैं. बेस अस्पताल में सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक ओपीडी के समय मरीजों को देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि यहां काउंसिलिंग और इलाज के बाद काफी मरीजों ने नशा छोड़ दिया है.

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