पवन सिंह कुंवर/ हल्द्वानी.उत्तराखंड के हल्द्वानी में स्थित वन अनुसंधान केंद्र में एक ऐसी वाटिका बनाई गई है, जिसमें हर मर्ज का पौधा उपलब्ध है. सिर, पेट, सांस, त्वचा, अस्थि रोग ठीक करने वाले औषधीय पौधे उपलब्ध इस वाटिका में लगाए गए हैं. इस वाटिका में जिसमें शरीर के अलग-अलग अंगों की मर्ज की दवा मिलती है. दुर्लभ वनस्पतियों को संरक्षित करने वाले वन अनुसंधान केंद्र ने एक अलग ही तरह की वाटिका तैयार की है. बकायदा बोर्ड लगाकर लोगों को हर पौधे का नाम और महत्व भी बताया गया है. इन्हें लेने के लिए दूरदराज से लोग पहुंच भी रहे हैं.
अगर आप शरीर की किसी बड़ी बीमारी से परेशान हैं और आप अंग्रेजी दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो जाहिर है आप इन दवाओं के साइड इफेक्ट से भी डर रहे होंगे, लेकिन यदि ऐसा है तो आपको बिल्कुल भी डरने की जरूरत नहीं है. आप किसी भी बड़ी बीमारी के इलाज में वन औषधियों का प्रयोग कर अंग्रेजी दवाओं के साइड इफेक्ट से निजात पा सकते हैं, जिसके लिए आपको हल्द्वानी के वन अनुसंधान केंद्र आना होगा.
वन वाटिका में मिलेगा हर मर्ज का पौधा
पूरे देश मे दुर्लभ वनस्पतियों को संरक्षित करने वाले वन अनुसंधान केंद्र ने अब एक अलग ही तरह की वाटिका तैयार की है. नाम है ‘वन वाटिका’ हल्द्वानी के वन अनुसंधान केंद्र में बनी वन वाटिका में शरीर के अलग-अलग अंगों के मर्ज में लाभदायक मानी जानी वाली औषधियां तैयार की गई हैं. ज्यादा जानकारी देते हुए वन क्षेत्राधिकारी मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि इस वन वाटिका में अलग-अलग शरीर की बीमारियों को ठीक करने वाले पौधे लगाए गए हैं. यह औषधि पौधे नर्सरी में तैयार किए गए हैं. अगर आपको भी कोई यह औषधि पौधे चाहिए तो आप भी इन वन अनुसंधान केंद्र में आकर औषधिय पौधे लें सकते है और घर पर भी औषधि पौधे लगा सकते हैं.
27 प्रजाति के औषधीय पौधे
साथ ही मदन सिंह बिष्ट ने यह भी बताया कि यहां पर स्कूल के बच्चे या जो यहां बनी वाटिका में अधिक जानकारी लेना चाहता है, वो यहां आकर जानकारी ले सकता है. स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए यहां कोई शुल्क नहीं लगता. आगे मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि औषधीय गुणों वाली करीब 27 प्रजाति के आगे अनुसंधान केंद्र ने नाम व इस्तेमाल करने का तरीका लिखा है. शोधार्थी भी यहां पहुंचकर जानकारी जुटाते हैं. बोर्ड व पौधों के आगे रखी नेमप्लेट से यहां आने वाले हर व्यक्ति को इन औषधियों की जानकारी मिल जाएगी. वन वाटिका द्वारा मनुष्य को आयुर्वेद के साथ जोड़ने और वनों में पैदा होने वाले दुर्लभ औषधीय प्रजातियों के महत्व को जानने का मौका मिलेगा.
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Tags: Health, Local18
FIRST PUBLISHED : November 11, 2023, 14:17 IST
