हिना आज़मी/देहरादून. देशभर के कई राज्यों को अब उत्तराखंड के ‘अंडूरी’ महोत्सव की झलक देखने को मिलेगी. दून के कुछ युवाओं ने प्रदेश के उत्तरकाशी जिले के दयारा बुग्याल में होने वाले बटर फेस्टिवल पर आधारित फिल्म बनाई है. इसका सलेक्शन मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ है. अब यह फिल्म देश के पांच राज्यों में दिखाई जाएगी. बटर फेस्टिवल की खास बात यह है कि पहाड़ के लोग जिन्हें प्रकृति से जीवन यापन के लिए चीजें मिली हैं, ईश्वर और प्रकृति को धन्यवाद देने के लिए लोग मक्खन और मट्ठे की होली खेलते हैं.
इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म के डायरेक्टर आयुष नौटियाल ने बताया कि वह बचपन से ही चाहते थे कि उत्तराखंड की संस्कृति को दूसरे लोगों तक पहुंचाएं. इसलिए उन्होंने दून फिल्म स्कूल से डायरेक्शन का कोर्स किया. इसके बाद अपने दो साथियों तेंजिन और आलोक नेगी के साथ अपने पैतृक गांव पहुंचे. यहां उन्होंने सदियों से चली आ रही इस परंपरा को शूट करने और उसे एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म के रूप में पेश करने की योजना बनाई. इसी फिल्म का चयन मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए हुआ है.
क्या है ‘अंडूरी’ महोत्सव
आशीष नौटियाल ने लोकल18 को बताया कि ‘अंडूरी’ महोत्सव मनाने के पीछे स्थानीय लोगों की मान्यता है कि जिस तरह प्रकृति सालभर हमें दूध-दही और अन्य सभी वस्तुएं उपलब्ध कराती है, उसके बदले हम एक दिन प्रकृति की पूजा-अर्चना करें. इसीलिए हम त्योहार मनाकर कुदरत व ईश्वर का धन्यवाद करते हैं. उन्होंने बताया कि इसमें गांव वाले मक्खन इकट्ठा करते हैं और वह एक दूसरे को लगाते हैं. इसी के साथ ही पिचकारियों में छाछ भरकर एक दूसरे पर डाली जाती है. अगस्त में आने वाले त्योहार में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक ढोल- दमाऊ और पहाड़ी गीत पर झूमते हुए नजर आते हैं.
जटिल भौगोलिक स्थिति के कारण मुश्किल थी शूटिंग
डॉक्यूमेंट्री को शूट करने वाले तेनजिंग ने बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल में शूट की गई है. चढ़ाई के दौरान हमारे कंधे पर काफी सामान था और हमें इस बात का भी ध्यान रखना था कि कैमरा हिल न जाए ताकि शॉट ठीक से शूट हो. इसी के साथ ही लाइटिंग और बहुत सारी चीजों का ध्यान रखना जरूरी था, जटिल भौगोलिक स्थिति होने के कारण यह काफी मुश्किल काम था.
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FIRST PUBLISHED : June 14, 2024, 12:19 IST
