देहरादून. उत्तराखंड में चार धाम यात्रा से पहले सरकार एक बड़ा कदम उठाते हुए यहां आने वाले तमाम लोगों का वैरिफिकेशन कर सकती है. असल में हरिद्वार में संत समाज की तरफ से चार धाम क्षेत्र में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी, जिस पर सचिवालय पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार अपने स्तर पर वैरिफिकेशन का काम करेगी. चार धाम में आने वाले यात्रियों ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड में रह रहे तमाम लोगों के लिए वैरिफिकेशन ड्राइव चलाई जाएगी.
शंकराचार्य परिषद के प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप ने धामी को पत्र लिखकर भूमि कानून में सुधार की अपील के साथ ही यह भी मांग की थी कि चार धाम क्षेत्र में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित किया जाए. हालांकि इस बारे में धामी ने खुलकर तो नहीं कहा, लेकिन वह बोले कि उत्तराखंड की धर्म संस्कृति को बचाए रखने की कोशिश सरकार करेगी. धामी ने कहा कि धर्म और संस्कृति को खतरा न हो, इसलिए ऐसे लोगों से बचाव के लिए वैरिफिकेशन ड्राइव पूरे राज्य में चलाई जाएगी.
क्या थी संत समाज की मांग?
धामी को पत्र लिखने से पहले आनंद स्वरूप ने पिछले साल धर्म संसद में भी इस मुद्दे को उठाया था. स्वरूप ने कहा था, ‘चार धाम इलाके में गैर हिंदुओं को घर बनाने, ज़मीन लेने और व्यवसाय करने पर प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए. उन्होंने मुस्लिमों के आर्थिक बहिष्कार किए जाने की बात भी कही थी. हाल में स्वरूप ने ‘हिमालय हमारा देवालय’ कैंपेन लॉन्च करते हुए कहा कि चार धाम में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर सभी प्रबंध किए जाने चाहिए.
वास्तव में, हरिद्वार ज़िले में भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र में हनुमान जयंती के मौके पर निकल रहे एक जुलूस पर पत्थरबाज़ी होने के बाद से माहौल तनावपूर्ण है. इस मामले में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन संत समाज ने इस पर नाराज़गी जताई. इस घटना के बाद से उत्तराखंड के सांप्रदायिक माहौल और चार धाम यात्रा में सुरक्षा संबंधी चर्चा शुरू हो चुकी है.
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