Tag: construction work

स्वीकृत रोड नहीं बनने से लोगों का राह चलना मुश्किल

शाहाबाद। शाहाबाद उपखंड मुख्यालय क्षेत्र में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत स्वीकृत रोड का कार्य ठेकेदार की लापरवाही से शुरू नहीं हुआ। निवाड़ी से भगवंतपुरा नागौरी तक बनने वाला यह रोड 11 मार्च 2024 से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2024 तक पूरा होना था। बोर्ड पर लिखे अनुसार ठेकेदार को समय पर कार्य प्रारंभ करना था, लेकिन आज तक रोड निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में रास्ते पर इतना पानी भर जाता है कि लोगों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। सबसे ज्यादा समस्या स्कूली बच्चों ... Read more

आरसीसी के सरियों से बढ़ा हादसों का खतरा

कोटा। आमजन की सुविधा के लिए किया जा रहा नाले का निर्माण कार्य इन दिनों परेशानी के साथ ही हादसों के खतरे को भी न्यौता दे रहा है।  कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से नयापुरा में बाग स्कूल के पास नाले का निर्माण किया जा रहा है। यह कार्य पिछले कई दिन से चल रहा है। जिसका काफी काम तो हो गया है। लेकिन अभी तक उसका पूरा ढकान नहीं किया गया है। आरसीसी का नाला बनाने से उसका अधूरा काम होने पर वह खुला पड़ा है। जिससे उसके सरिये निकले हुए हैं। हालांकि केडीए की ओर से सुरक्षा की ... Read more

अधिकारियों की अनदेखी का खामीयाजा भुगत रहे विद्यार्थी…

डाबी। गौरलब है कि मांडा योजना के तहत 20 लाख रुपए की लागत से यह निर्माण कार्य अक्टूबर,नवम्बर माह पहले शुरू हुआ था। लेकिन काफी समय से निर्माण कार्य बंद है। ऐसे में स्कूली विद्यार्थियों को खुले मैदान में बिठाकर अध्यापन कार्य करवाया जा रहा है। जिससे काफी परेशान होना पड़ रहा है।  स्थानीय ग्रामीण सुरेश सुवालका सुगन भील संजय मेवाड़ा जिला परिषद सदस्य सीमा बाई भील ने बताया कि ग्राम पंचायत धनेश्वर में कक्षा-कक्ष की आवश्यकता को लेकर स्कूल स्टाफ ने अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को ज्ञापन देकर विद्यालय में दो कक्षा-कक्ष बनवाने की ... Read more

कहीं धर्मशाला तो कहीं स्कूलों में चल रहे सरकारी कॉलेज

कोटा। हाड़ौती के सरकारी महाविद्यालय धर्मशाला व स्कूलों में चल रहे हैं, जहां सुविधाएं तो न के बराबर हैं लेकिन हादसों का खतरा भरपूर है। इन कॉलेजों को आज तक खुद का भवन नसीब नहीं हुआ। कस्बों के सरकारी स्कूलों में उधार के कमरों में यह कॉलेज चल रहे हैं। हालात यह हैं, कहीं 2 तो कहीं 4 कमरों में कॉलेज संचालित करना पड़ रहा है। जबकि, अधिकतर महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या 600 से ज्यादा है। वहीं, नए खुले कॉलेजों में भी 180 विद्यार्थियों का नामांकन है। ऐसे में विद्यार्थियों को बैठने तक की जगह नहीं मिलती। हाल ही ... Read more