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बचपन से नहीं थे अंजना के हाथ…तो पैरों से करने लगीं पेंटिंग, टैलेंट देख नहीं होगा आंखों पर विश्वास, देखें VIDEO
ऋषिकेश: अगर आप ठान लें तो कुछ भी कर सकते हैं. हाथ से क्या पैर से भी आप अपने कामों को निपटा सकते हैं. ऋषिकेश की अंजना मलिक को ही देख लिजिए. उनके कभी हाथ नहीं थे. पर फिर वो सुंदर-सुदंर पेंटिंग बना लेती हैं, वो भी पैरों से. टैलेंटे इतना ज्यादा हैं कि लोग देख कर हैरान हो जाते हैं. पैरों से पेंटिंग बनाने वाली अंजना मलिक अंजना मलिक अपनी अनोखी कला के कारण ऋषिकेश में बहुत फेमस हो गई हैं. उनकी बनाई पेंटिंग्स इतनी खूबसूरत होती हैं कि लोग देखते ही रह जाते हैं. पेंटिंग की सुंदरता इतनी ... Read more
कट गई अंगुलियां…तो कोहनी पर ब्रश बांधकर बनाते हैं सुंदर पेंटिंग
तनुज पाण्डे/नैनीताल: नैनीताल के रहने वाले सचिंद्र बिष्ट ने दोनों हाथ कट जाने के बाद भी हार नहीं मानी. उन्होंने जिंदगी के इस दुखद मोड़ के बाद भी जीवन को एक नई दिशा दी. पेशे से फिल्म मेकर, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और पर्वतारोही रहे सचिंद्र कुछ साल पहले सब कुछ छोड़कर नैनीताल आ गए. शहर के ही पास के कस्बे शीतला में लोगों को पर्वतारोहण के गुर सिखा रहे थे. सब कुछ अच्छा चल रहा था. लेकिन एक दिन अचानक आए बुखार ने उनकी दुनिया ही बदल डाली और उनको अपने दोनों हाथ गंवाने पड़े. कमाल है इस शख्स ... Read more
चाट बेचकर अपने परिवार का खर्च चलाता है ये छात्र, Video देख पसीज उठेगा दिल, लोगों ने बढ़ाया मदद का हाथ
चाट बेचकर अपने परिवार का खर्च चलाता है ये छात्र जब आप बड़े हो जाते हैं तो अपने परिवार की मदद करना एक ऐसी चीज़ है जिसका सपना सभी देखते हैं. कड़ी मेहनत करने वाले को दुनिया भर से सराहना मिलती और ऐसे लोगों को सबका समर्थन भी मिलता है. ऐसी कहानियां मानवता की भावना भी जगाती हैं और हमारे सांसारिक जीवन में विश्वास पैदा करती हैं. यह भी पढ़ें ऐसी ही एक घटना पंजाब के जालंधर में 10वीं क्लास के एक लड़के के बारे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. उसकी कहानी कई लोगों को पसंद आई ... Read more
Uttarakhand के ‘गुरु द्रोण’ से मिलिए, 80000 पेड़ लगा चुके टीचर ने अपनी सैलरी से बदल दी स्कूल की तस्वीर
रिपोर्ट – सोनिया मिश्रा रुद्रप्रयाग. उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों से जहां पलायन लगातार हो रहा है, वहीं एक ग्रामीण इलाके के प्राथमिक विद्यालय में ऐसी तमाम सुख सुविधाएं हैं, जो एक प्राइवेट स्कूल में हो सकती हैं. स्कूल में प्रोजेक्टर से पढ़ाई होती है, कंप्यूटर भी हैं. बच्चों को न सिर्फ अक्षरों का ज्ञान दिया जा रहा है बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है. यह पूरा कारनामा किसी सरकारी योजना के तहत नहीं हो रहा है बल्कि एक शिक्षक ने यह बीड़ा उठाया है और आज उसे ‘गुरु द्रोण’ के नाम से जाना जाता है. ... Read more