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10 साल में एक बार होती है अस्कोट-आराकोट यात्रा, जानें कितना बदला उत्तराखंड?

देहरादून. उत्तराखंड की जानकारी को लेकर कई संस्थाएं काम करती हैं. उन्हीं में से एक है पहाड़ संस्था, जिसके सदस्य 10 साल में एक बार अस्कोट-आराकोट अभियान के तहत गढ़वाल के एक छोर से कुमाऊं के दूसरे छोर तक यात्रा करते हैं. इसकी विशेषता होती है कि इसमें सदस्य जिन-जिन गांवों में जाते हैं, उन्हीं से मांगकर खाना खाते हैं. स्थानीय लोगों की दिक्कतें, पहाड़ में सड़क, पानी, रोजगार जैसी समस्याओं को जाना और समझा जाता है. वहां की संस्कृति और माहौल और आजीविका के साधनों में बदलाव को देखा जाता है. कुल मिलाकर 10 साल में पहाड़ कितने बदले ... Read more

Migration in Uttarakhand : क्या पलायन लील जाएगा एक और सीट? अब EC के डेटा से उठा सवाल

अल्मोड़ा. पलायन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद अब मतदाता सूची से जुड़े आंकड़े पहाड़ों में पलायन का बड़ा सच बयान कर रहे हैं. राज्य में अल्मोड़ा और पौड़ी ज़िलों में ही सबसे ज़्यादा पलायन हुआ है और इसकी गवाही दे रहा है वोटरों से जुड़ा डेटा. अल्मोड़ा ज़िले में पिछले पांच सालों में मतदाताओं की संख्या 5831 ही बढ़ी है. इनमें भी रानीखेत और सल्ट विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां वोटरों की संख्या बीते 5 सालों में कम हो गई है. इन चौंकाने वाले आंकड़ों को लेकर सियासत चरम पर है क्योंकि कांग्रेस का आरोप है कि पहाड़ों में ... Read more

आजादी के बाद से गांव के लोगों को सड़क का इंतजार, ग्रामीण बोले- रोड नहीं तो इस बार वोट नहीं

पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से 28 किलोमीटर दूर नेपाल सीमा से लगे हुए 6 गांव के लोगों ने सड़क की मांग को लेकर आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है. इस धरने में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं. आजादी के बाद से ही इस क्षेत्र के लोग सड़क का इंतजार कर रहे हैं. लंबे समय के इंतजार के बाद साल 2005 में इस क्षेत्र के लिए सड़क स्वीकृत हुई थी, जो 17 साल बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है. सड़क न होने से लगभग 10 हजार की ... Read more