कमल पिमोली/श्रीनगर गढ़वाल. राजनीति और विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एमएम सेमवाल के नेतृत्व में अटके लूज रॉक्स को हटाने, भूस्खलन स्थलों का उपचार, और अन्य मुद्दों पर जगह-जगह पहाड़ियों पर चलने वाले ऑल वेदर सड़क परियोजना के संबंध में प्रोफेसर एमएम सेमवाल ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है. प्रो सेमवाल की ओर से एक ज्ञापन तैयार किया गया है, जिसमें उत्तराखंड की चारधाम सड़क परियोजना के तहत बनी ऑल वेदर परियोजना में भूस्खलन से कैसे जान-माल के नुकसान से बचा जा सकता है और समय की बचत कैसे की जा सकती है, उसका जिक्र किया गया है. इस ज्ञापन में चार मुख्य मांगों के साथ प्रो0 सेमवाल ने नगर के बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, और छात्रों के हस्ताक्षर जुटाए हैं, जिसके बाद यह ज्ञापन केंद्रीय परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी को सौंपा जाएगा.
2016 में ऑल वेदर सड़क की घोषणा के बाद लोगों ने यह आशा की थी कि सड़कों पर आवाजाही सुरक्षित और तेजी से हो जाएगी. हालांकि वाकई की मौजूदा परिस्थितियां कुछ अन्य हैं. ऑल वेदर सड़क परियोजना के तहत कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे कई घंटों तक राजमार्ग बंद रहते हैं. इसके अलावा, कई लोगों की जान भी मलबे की चपेट में आने के कारण चली गई है.
राज्य के विकास के लिए बेहतर सड़को का होना आवश्यक
गढ़वाल विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एमएम सेमवाल के अनुसार, चारधाम परियोजना के अंतर्गत ऑल वेदर सड़क परियोजना केंद्र सरकार की ओर से राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपहार थी, क्योंकि राज्य के विकास के लिए अच्छी सड़कों की आवश्यकता होती है. इससे तीर्थाटन और रोजगार के अवसरों का विकास होता है. हालांकि हाल कुछ समय से भूस्खलन की समस्या के चलते राजमार्गों में बाधाएं आ रही हैं. राजमार्गों पर चट्टानों से पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे तीर्थयात्री और स्थानीय लोग भी प्रभावित हो रहे हैं.
विभिन्न मांगों को लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री को भेजेंगे ज्ञापन
इस सम्बंध में प्रो. एमएम सेमवाल ने बताया कि उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को एक ज्ञापन तैयार किया है, जिसमें शिक्षाविदों, समाजसेवियों, गैर राजनीतिक व्यक्तियों, छात्रों और स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर किए जा रहे हैं. ज्ञापन में कुछ मांगें प्रस्तुत की गई हैं, जैसे कि राजमार्ग के किनारों पर पहाड़ी पर अटकी ढीली चट्टानों को हटाने के लिए कार्रवाई, खासकर वे जगहें जहां भूस्खलन अधिक हो रहा है, उन जगहों पर स्टील से बेरिकेटिंग और मोटी जालियां लगाई जाएं ताकि मलबा यहां न फैल सके. तीसरी मांग के रूप में, चारधाम यात्रा मार्ग पर वृक्षारोपण की अनुमति दी जाए और उन जगहों पर जहां लगातार भूस्खलन हो रहा है, वहां सुरंग का निर्माण किया जाए. प्रो0 सेमवाल ने कहा कि परियोजना बनने से पहले राजमार्ग के किनारों पर कई पेड़ हुआ करते थे, लेकिन अब वे सभी कट चुके हैं. उन्होंने सरकार के साथ जनसहभागिता की भी महत्वपूर्णता बताई और राजमार्गों के किनारों पर पेड़ लगाने से भूस्खलन समस्या में कमी हो सकती है.
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FIRST PUBLISHED : August 24, 2023, 18:00 IST
