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कही घी घणां कही न मुट्ठीभर चणा…
इटावा। इटावा में सरकारी शिक्षा का सिस्टम भी अलग ही इटावा ब्लॉक में शिक्षा व्यवस्था के लिए हालात इस कदर है कि कही नामांकन है छात्रों का लेकिन शिक्षक नहीं है और कही नामांकन नहीं है, लेकिन फिर भी शिक्षक है। ऐसी स्थिति में इटावा क्षेत्र में सरकारी सिस्टम की खामी नजर आती है जो शिक्षा व्यवस्था की पोल को खोल रही है। कही जर्जर भवन में स्कूल चल रहे है, कही विद्यार्थी भी नहीं होने के बाद भी स्कूल बन रहे हैं। क्षेत्र में हाड़ौती की वह कहावत चरितार्थ हो रही है कि कही घी घणों कही न मुट्ठी ... Read more
धर्मशाला व स्कूलों में चल रहे कोटा संभाग के 8 कॉलेज
कोटा। हाड़ौती के सरकारी महाविद्यालय धर्मशाला व स्कूलों में चल रहे हैं। जहां कॉलेज संचालित करने से पहले स्कूल की छुट्टी होने का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, खतस्ताहाल अस्थाई भवनों में सुविधाएं तो न के बराबर हैं लेकिन हादसों का खतरा भरपूर है। हालात यह हैं, संभाग के 8 सरकारी कॉलेज उधार के भवनों में संचालित हो रहे हैं। कई महाविद्यालय 3 तो कोई 5 कमरों में चल रहा है। जहां बारिश में टपकती छतें व दीवारों से उठती सीलन की बदबू और बिजली के तारों से हादसे का खतरा बना रहता है। जबकि, अधिकतर कॉलेजों में विद्यार्थियों की ... Read more
97 लाख की चमक फीकी, जहरीले सांप और बीमारियों के शिकंजे में फंसी खिलाड़ियों की जान
कोटा। हाड़ौती का एकमात्र फुटबॉल छात्रावास उपेक्षा का शिकार हो रहा है। नयापुरा वोकेशनल स्कूल में फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए बना हॉस्टल का मेंटिनेंस कार्य 2 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। जिसकी वजह से प्रदेशभर से कोटा पहुंचे 20 चयनित खिलाड़ियों को जर्जर कमरों में शरण लेनी पड़ रही है। जिसकी छतें टपक रही हैं और दीवारों से उठती सीलन की बदबू से खिलाड़ियों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। वहीं, इन कमरों के पीछे झाड़-झंकाड़ उगे हुए हैं। जिनमें जहरील जीव-जंतुओं के छिपे रहने से जान का खतरा बना रहता है। केडीए की लापरवाही से खिलाड़ियों ... Read more