Tag: Supreme Court
14 साल की बच्ची का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले छात्र को जमानत नहीं, जानें कैसे सुप्रीम कोर्ट ने खींच दी नई लकीर
नई दिल्ली: उत्तराखंड के एक स्कूल में 14 साल की क्लासमेट का अश्लील वीडियो सर्कुलेट करने वाले छात्र को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जमानत देने से इनकार कर दिया. इस वीडियो से हुई बदमानी की वजह से बच्ची ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. टीओआई की खबर के मुताबिक, आरोपी को जमानत न देने वाले अदालत के इस फैसले से एक नजीर पेश हुई है कि कानून तोड़ने वाले बच्चों को अपराध गंभीर होने के बाद भी जमनात मिलनी चाहिए, ये अपवाद है. उत्तराखंड मामले में अदालत के फैसले के बाद पुणे के उस केस (Pune Road ... Read more
कक्षा 5 की पढ़ाई के दौरान बेंत से हुई पिटाई की घटना कभी नहीं भूल पाए CJI डीवाई चंद्रचूड़
सीजेआई ने कहा, जिस तरह से लोग बच्चों के साथ व्यवहार करते हैं, वह उनके दिमाग पर स्थायी प्रभाव डालता है. नई दिल्ली : भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ पांचवी क्लास की पढ़ाई के दौरान स्कूल में हुई एक घटना को कभी नहीं भूलेंगे. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) ने खुलासा किया है कि एक दिन ऐसा है जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे. उस दिन स्कूल में एक छोटी सी भूल के लिए टीचर ने उनके दोनों हाथों पर बेंत से पिटाई की थी. इतना ही नहीं वे टीचर से आग्रह करते रहे कि हाथों पर ... Read more
UGC mandates district-level panel to check ragging in HEIs
The University Grants Commission (UGC) has asked states to establish district-level panels aimed at curbing the menace of ragging in Higher Educational Institutions (HEIs) in compliance with the directives issued by the Supreme Court in a judgment in 2009. The higher education regulator in the country has notified the “Regulations on Curbing the Menace of Ragging in Higher Educational Institutions, 2009”, underlining the criminality of ragging and mandating its prevention, prohibition, and elimination within HEIs. These regulations are mandatory for all institutions, with strict monitoring mechanisms in place. Failure to implement these norms, including appropriate disciplinary action against perpetrators, will ... Read more
“क्या इससे वोटर के निजता का अधिकार प्रभावित नहीं होगा?” EVM-VVPAT मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट
याचिकाकर्ताओं की तरफ़ से वकील निजाम पाशा ने दलील देते हुए कहा कि यह व्यवस्था होनी चाहिए कि वोटर अपना VVPAT स्लिप बैलट बॉक्स में ख़ुद डाले. वहीं जस्टिस खन्ना ने इस पर सवाल किया कि इससे क्या वोटर के निजता का अधिकार प्रभावित नहीं होगा. इस पर वकील निजाम पाशा ने दलील दी कि वोटर की निजता से अधिक जरूरी है उसका मत देने का अधिकार! इस पर संजय हेगड़े की तरफ से कहा गया कि सभी पर्चियों के मिलान की सूरत में EC की तरफ़ से 12-13 दिन लगने की जो बात कहीं जा रही है, वो दलील ... Read more
High Court Order Repealing Madarsa Act stayed by Supreme Court, says HC misconstrued provisions of law – Times of India
NEW DELHI: In a relief to approximately 17 lakh madarsa students, the Supreme Court on Friday stayed an Allahabad High Court order that repealed the Uttar Pradesh Board of Madarsa Education Act, 2004, calling it “unconstitutional” and a violation of the principle of secularism. A three-judge bench led by Chief Justice D Y Chandrachud issued notices to the Centre, the Uttar Pradesh government, and others on the petitions challenging the high court order, noting that the issues raised in the petitions warranted further consideration. “The object and purpose of Madarsa board is regulatory in nature and the Allahabad HC is ... Read more
“मदरसा शिक्षा पूरी तरह से धर्म या धार्मिक अध्ययन के बारे में नहीं…” : सलमान खुर्शीद
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के 22 मार्च के फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें ‘यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004’ को असंवैधानिक और धर्मनिरपेक्षता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया था. सलमान खुर्शीद ने कहा, “यह एक दूरगामी स्थिति है जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मदरसा बोर्ड के उद्देश्य और मदरसा शिक्षा की पृष्ठभूमि में बहुत विस्तार से विचार किया है. तथ्य यह है कि मदरसा शिक्षा पूरी तरह से धर्म या धार्मिक अध्ययन के बारे में नहीं है, बल्कि इसका अन्य महत्वपूर्ण आधुनिक विषयों से काफी कुछ लेना-देना है.” उन्होंने कहा, “”छात्रों और ... Read more
“मदरसा शिक्षा पूरी तरह से धर्म या धार्मिक अध्ययन के बारे में नहीं…” : सलमान खुर्शीद
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के 22 मार्च के फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें ‘यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004’ को असंवैधानिक और धर्मनिरपेक्षता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया था. सलमान खुर्शीद ने कहा, “यह एक दूरगामी स्थिति है जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मदरसा बोर्ड के उद्देश्य और मदरसा शिक्षा की पृष्ठभूमि में बहुत विस्तार से विचार किया है. तथ्य यह है कि मदरसा शिक्षा पूरी तरह से धर्म या धार्मिक अध्ययन के बारे में नहीं है, बल्कि इसका अन्य महत्वपूर्ण आधुनिक विषयों से काफी कुछ लेना-देना है.” उन्होंने कहा, “”छात्रों और ... Read more
Explained: UP Board of Madarsa Education Act and why the Allahabad HC found it unconstitutional – Times of India
Today, on April 5, the Supreme Court issued a temporary stay on the decision of the Allahabad High Court (HC), which had invalidated the Uttar Pradesh Board of Madarsa Education Act, 2004, labeling it as ‘unconstitutional’. Last month, the Allahabad High Court had directed the UP government to integrate the existing students of the Madarsa board into the mainstream education system under government or private institutions.However, the Supreme Court, in imposing the stay, has put a pause on this process of transfer. Uttar Pradesh Board of Madarsa Education Act: What is it all about? Enacted in 2004, the Uttar Pradesh ... Read more
अदालती फैसलों को समृद्ध करने के लिए विविधता और प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण है : CJI
उन्होंने कहा कि इस बात पर जोर देना जरूरी है कि विविधता और प्रतिनिधित्व न केवल ऐतिहासिक अन्यायों को सुधारने के लिए बल्कि अदालतों की निर्णय लेने की क्षमता को समृद्ध करने के लिए भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह, अदालतों के भीतर लैंगिक विविधता को एकीकृत करने संबंधी दृष्टिकोण का विस्तार होगा, जिससे अधिक व्यापक और न्यायसंगत निर्णय होंगे.” प्रावधानों को लैंगिक रूप से समावेशी बनाने की दिशा में प्रगति : CJI न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने अपने प्रावधानों को लैंगिक रूप से समावेशी बनाने की दिशा में प्रगति ... Read more
Exculsive: पिता के फैसले को बदलने के सवाल पर NDTV से क्या बोले CJI डी वाई चंद्रचूड़
खास बातें आम नागरिकों की सुविधा के लिए न्यायपालिका को आधुनिक बनाना है- CJI
न्यायपालिका में आधुनिक तकनीक का समावेश किया जाएगा
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने जब अपने पिता के एक निर्णय को बदला… नई दिल्ली : चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डी वाई चंद्रचूड़ (D Y Chandrachud) ने एनडीटीवी को दिये खास इंटरव्यू में कई मुद्दों पर अपने विचार रखे. उन्होंने बात कहा कि आने वाले सालों में न्यायपालिका में भी आधुनिकता देखने को मिलेगी, इस पर काम भी हो रहा है. हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए न्यायपालिका को आधुनिक बनाना है. ... Read more