Tag: नैनीताल की खबरें
जिम कॉर्बेट से जुड़ा है बैंड स्टैंड का इतिहास, कभी बजा करता था ' कैप्टन राम सिंह का बैंड'
तनुज पाण्डे/ नैनीताल. उत्तराखंड का नैनीताल जितना खूबसूरत है, उतना ही समृद्ध नैनीताल का इतिहास है. नैनीताल में ब्रिटिशकाल की अनेकों निशानियां आज भी देखने को मिलती हैं. इन्हीं में से एक है नैनीताल का बैंड स्टैंड (Band Stand Nainital). इसका निर्माण प्रसिद्ध शिकारी जिम कॉर्बेट (Jim Corbett) से जुड़ा हुआ है. नैनीताल के प्रसिद्ध इतिहासकार प्रोफेसर अजय रावत बताते हैं कि जिम कॉर्बेट युवा अवस्था में मुकमा घाटी में जब रेलवे में बतौर फ्यूल इंस्पेक्टर नौकरी करते थे, तो उस दौरान ही साल 1920 में वह नौकरी छोड़कर नैनीताल आए और नैनीताल नगरपालिका के सदस्य बन गए थे. जिम ... Read more
अंग्रेजों ने उत्तराखंड के इस शहर को दिया था 'छोटी विलायत' का दर्जा, पहाड़ी शहर में मौजूद हैं 18 चर्च
तनुज पाण्डे/ नैनीताल. उत्तराखंड का नैनीताल अपनी सुंदर नैनी झील के लिए काफी प्रसिद्ध है. इस सुंदर झील की वजह से इसे सरोवर नगरी भी कहा जाता है, लेकिन यहां स्थित चर्च की संख्या को देखते हुए इसे “चर्चों का शहर” भी कहा जाता है. यहां लगभग 18 छोटे-बड़े चर्च मौजूद हैं. यकीनन यहां काफी ऐतिहासिक और ब्रिटिशकालीन चर्च भी हैं, जिस वजह से क्रिसमस के मौके पर इस शहर में खूब रौनक रहती है. प्राकृतिक खूबसूरती के साथ ही नैनीताल में करीब 6 मुख्य चर्च और लगभग एक दर्जन छोटे चर्च मौजूद हैं. कुमाऊं का यह शहर ईसाई धर्म ... Read more
नैनीताल में दिखा 'तारों की बारिश' का अद्भुत नजारा, आप भी देखिए
तनुज पाण्डे/ नैनीताल. उत्तराखंड के नैनीताल से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पंगोट से देखा गया उल्का पिंड बौछार का नजारा हर किसी के दिलोदिमाग में एक सुनहरी याद बन गया. जिसने भी इस खगोलीय घटना को अपने सामने होते हुए देखा, वो बस इसे निहारता ही रह गया. दरअसल हर साल दिसंबर माह में उल्का पिंड की बौछार होती है, जिसे जेमिनीड उल्का पिंड बौछार (Geminid Meteor Shower) कहा जाता है. इन्हें टूटे हुए तारों के नाम से भी जाना जाता है और इसे तारों की बारिश कहा जाता है. एस्ट्रोवर्स एक्सपीरियंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा नैनीताल के ... Read more
पहाड़ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहीं ‘बैणी’ रिद्धि, क्रोशिया को बनाया जरिया
तनुज पाण्डे/ नैनीताल. उत्तराखंड के नैनीताल की रहने वालीं रिद्धि ने एक अनोखी राह थामी है. एक ओर जहां इस उम्र में युवा प्रतिष्ठित नौकरी के लिए काम कर रहे हैं, वहीं रिद्धि ने ग्रामीण महिलाओं को क्रोशिया का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की ठानी है. बाकायदा इसके लिए उन्होंने शहर के चकाचौंध भरे जीवन को छोड़कर गांव के परिवेश को अपनाया. वह नैनीताल शहर की निकटवर्ती ग्रामसभा पंगोट मेंशिफ्ट होकर वहां की महिलाओं के साथ स्वरोजगार कर रही हैं. उन्होंने बताया कि वह महिलाओं को क्रोशिया से खूबसूरत स्वेटर, खिलौने, फूल, बैग्स आदि बनाना सिखाकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित ... Read more
नैनीताल जा रहे थे मोहम्मद शमी, आगे चल रही कार का हो गया एक्सीडेंट और फिर…
तनुज पांडे/ नैनीताल. भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammad Shami) मैदान में जितना अपनी आक्रामक गेंदबाजी के चलते जाने जाते हैं, उतना ही अपने व्यक्तिगत जीवन में विनम्र और दूसरों की मदद करने वाले इंसान के तौर पर भी पहचाने जाते हैं. अपने इस स्वभाव की वजह से ही उन्होंने एक दुर्घटनाग्रस्त कार चालक की जान बचाई. उन्होंने इस घटना का जिक्र अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर किया है. मोहम्मद शमी की भतीजी युमना फातिमा और चचेरी बहन अमीरा उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित सेंट मैरी कॉन्वेंट में पढ़ती हैं. वह उन्हें छुट्टियों में घर ले जाने ... Read more
भारत का ‘बकिंघम पैलेस’, जानें नैनीताल के इस खूबसूरत भवन का रोचक इतिहास
तनुज पाण्डे/ नैनीताल.उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित राजभवन ब्रिटिश वास्तुकला की अद्भुत विरासत है. गौथिक शैली में बनी इस इमारत की खूबसूरती, परिवेश, हरियाली, शांत वादियां और पहाड़ों का ठंडा मौसम इसे देश के सर्वश्रेष्ठ राजभवनों में से एक बनाता है. चारों तरफ हरियाली और और कई तरह के पेड़ पौधों से घिरा नैनीताल का राजभवन बेहद खूबसूरत है, जो नैनीताल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है. समुद्र तल से 6,785 फीट ऊंचाई पर स्थित इस राजभवन की नींव 27 अप्रैल 1897 को रखी गई थी, जो मार्च 1900 में बनकर तैयार हुआ. गौथिक शैली में बने इस ... Read more
Nainital Tourist Spot: यहां जंगल के बीच में छिपा है खूबसूरत वॉटरफॉल, आपको पता है?
सीमा नाथ/नैनीताल. उत्तराखंड का नैनीताल जो हरी-भरी शांत वादियों में बसा है. सरोवर नगरी की सुकून देने वाली मनमोहक वादियां यहां आने वाले सैलानियों के मन को भा जाती हैं, जिस वजह से यह सैलानियों की फेवरेट डेस्टिनेशन में से एक है. वैसे तो नैनीताल में घूमने के लिए कई फेमस टूरिस्ट स्पॉट्स हैं, लेकिन अगर आप शहर की आपाधापी से दूर प्रकृति की गोद में सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो आप जंगल के बीचो बीच बसे नैनीताल के इस हिडन वॉटरफॉल पर आ सकते हैं. यह वॉटरफॉल नैनीताल के रातीघाट-गरमपानी पैदल मार्ग में स्थित है, जहां ... Read more
Nainital: जंगल के बीचोंबीच है नैनीताल का ये खूबसूरत ‘हिडन वॉटरफॉल’, एक बार आएंगे तो इश्क हो जाएगा!
रिपोर्ट- सीमा नाथ नैनीताल. उत्तराखंड का नैनीताल शहर प्रकृति की गोद में बसा है. यह नगर शांति और प्राकृतिक सुंदरता का एक अद्भुत संगम है. जिस वजह से यह सैलानियों की फेवरेट डेस्टिनेशन में से एक है. वैसे तो नैनीताल में घूमने के लिए कई जगह हैं, लेकिन अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति की गोद में सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो नैनीताल के इस हिडन वॉटरफॉल पर आ सकते हैं. यह झरना नैनीताल के मशहूर बिड़ला स्कूल से करीब तीन किलोमीटर दूर पैदल मार्ग पर स्थित है. नैनीताल की जू रोड पर करीब तीन किलोमीटर ... Read more
Adventure Sport: खुशखबरी… समर वैकेशन में ‘रॉक क्लाइंबिंग’ का मजा लेना है? नैनीताल आएं, यहां है खास तैयारी
रिपोर्ट – सीमा नाथ नैनीताल. उत्तराखंड के नैनीताल शहर में रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. एडवेंचर एक्टिविटीज का शौक रखने वाले पर्यटकों के लिए अब सरोवर नगरी नैनीताल जल्द ही एक नए आकर्षण के रुप में उभर कर सामने आने वाला है. दरअसल नैनीताल के मल्लीताल स्थित ऐतिहासिक डीएसए मैदान में कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा करीब 95 लाख रुपये की लागत से एक आर्टिफिशियल रॉक-क्लाइम्बिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा है. इससे पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी इस साहसिक खेल से जोड़ा जा सकेगा. जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेंद्र पांडे ने बताया कि ... Read more
पहाड़ की अनोखी घास जो है औषधीय गुणों से भरपूर, मगर मारती है बिच्छू की तरह डंक, जानें डिटेल्स
रिपोर्ट : सीमा नाथ नैनीताल. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में कई ऐसे पेड़-पौधे पाए जाते हैं, जो औषधीय गुणों से भरपूर हैं. ऐसी ही एक घास पहाड़ी इलाकों में पाई जाती है, जिसे छूने से लोग डरते हैं, लेकिन यह औषधीय गुणों से भरपूर है. इसे बिच्छू घास, कंडाली या फिर सिसौंण (Nettle Leaf) भी कहा जाता है. गढ़वाल में इसे कंडाली और कुमाऊं में इसे सिसौंण कहा जाता है. साथ ही इसे एक प्राकृतिक मल्टी विटामिन के रूप में भी जाना जाता है. 800 से 2000 मीटर की ऊंचाई पर मिलने वाली यह घास डंक मारने के लिए जानी ... Read more