Tag: uttarakhand tourism
Uttarakhand’s Butter Festival (अढूडी ) at Dayara Bugyal: A Timeless Celebration of Culture and Community at 11000 ft
Introduction There is only one festival like the Uttarakhand’s Butter Festival. It shows off the culture of the Dayara Bugyal region, which is in the beautiful Himalayan mountains. Dayara Bugyal is a grassland at a high elevation in Uttarkashi district, Uttarakhand. Dayara Bugyal – a lush green Alpine meadow at an altitude of around 3300 m. In the language of the area, “Bugyal” means pasture land or meadows. The land in the area is either flat or slopes. Dayara Bugyal in the Garhwal Himalayas is not just visually stunning, but it also offers more than just natural beauty. These Bugyal ... Read more
बाजारों में आसानी से नहीं मिलते ये जंगली फल, स्वाद में गजब तो सेहत में अति उत्तम
03 यह पहाड़ी फल कुमाऊं में घिंगारु, गढ़वाली में घिंघरु और नेपाली में घंगारू के नाम से मशहूर है. छोटे-छोटे लाल सेव जैसे दिखने वाले घिंघरु के फलों को हिमालयन रेड बेरी, फायर थोर्न एप्पल या व्हाइट थोर्न भी कहते हैं. जबकि इसका वानस्पतिक नाम पैइराकैंथा क्रेनुलाटा है. घिंघारू एक औषधीय पौधा है, जिसकी जड़ से लेकर फल, फूल, पत्तियां और टहनियां सभी हमारे लिए उपयोगी है. यह फल सिर्फ 3 माह जून, जुलाई और अगस्त के आसपास ही मिलता है. स्कूली बच्चे और गांव में जंगल जाने वाली महिलाएं इसे बड़े चाव से खाती हैं. घिंघारू के फलों को ... Read more
Nath of Uttarakhand: उत्तराखंड के पहाड़ी नथ की देश-दुनिया में डिमांड, जानिए इसके पीछे का इतिहास
रिपोर्ट- हिना आज़मी देहरादून. वैवाहिक और सांस्कृतिक आयोजनों पर उत्तराखंड की महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करती है नथ. भारत के अलग-अलग राज्यों में नथ के अलग-अलग प्रकार हैं. वहीं उत्तराखंड में गढ़वाली- कुमाऊनी दोनों तरह की नथ को खूब पसंद किया जाता है. पहाड़ की महिलाओं की खूबसूरती की पहचान और संस्कृति की प्रतीक बनी नथ का इतिहास भी सभी को जानना जरूरी है . बताया जाता है कि टिहरी में राजा रजवाड़ों का राज्य था और तभी राजाओं की रानियां सोने की नथ पहनती थी. माना यह भी जाता है कि पुराने वक्त में ... Read more
Nainital Tourist Spot: यहां जंगल के बीच में छिपा है खूबसूरत वॉटरफॉल, आपको पता है?
सीमा नाथ/नैनीताल. उत्तराखंड का नैनीताल जो हरी-भरी शांत वादियों में बसा है. सरोवर नगरी की सुकून देने वाली मनमोहक वादियां यहां आने वाले सैलानियों के मन को भा जाती हैं, जिस वजह से यह सैलानियों की फेवरेट डेस्टिनेशन में से एक है. वैसे तो नैनीताल में घूमने के लिए कई फेमस टूरिस्ट स्पॉट्स हैं, लेकिन अगर आप शहर की आपाधापी से दूर प्रकृति की गोद में सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो आप जंगल के बीचो बीच बसे नैनीताल के इस हिडन वॉटरफॉल पर आ सकते हैं. यह वॉटरफॉल नैनीताल के रातीघाट-गरमपानी पैदल मार्ग में स्थित है, जहां ... Read more
Haldwani: देश की पहली रामायण वाटिका में देख सकेंगे संजीवनी समेत 149 दुर्लभ वनस्पतियां
रिपोर्ट: पवन सिंह कुंवर हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी के वन अनुसंधान केंद्र में देश की पहली रामायण वाटिका बनाए जाने का दावा किया गया है. यह वाटिका देखने में जितनी सुंदर है, उतनी ही इस वाटिका में महत्वपूर्ण जानकारियां भी लोगों को मिल रही हैं. यह वाटिका पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. रामायण में भगवान श्रीराम की जीवन यात्रा के दौरान वह जिन-जिन स्थलों और जंगलों से होकर गुजरे थे, वहां मिलने वाली वनस्पतियों का जिक्र रामायण में किया गया है. उन्हीं वनस्पतियों को हल्द्वानी स्थित वन अनुसंधान केंद्र में संरक्षित किया गया है, ताकि ... Read more
Nainital: आज माल रोड पर गाड़ियों को नो एंट्री, नैनीताल आ रहे पर्यटक देखें किस तरह बदला गया है रूट प्लान
नैनीताल. अगर इस वीकेंड पर आप नैनीताल आने का प्लान कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है. नैनीताल में इस वीकेंड पर पुलिस ने ट्रैफिक का प्लान बदल दिया है. अर्जुन देव शहादत दिवस पर गुरुद्वारे सभा द्वारा नगर कीर्तन के चलते यह बदलाव किया जा रहा है. 4 जून यानी शनिवार को नैनीताल में इस प्लान के तहत कई मार्ग डायवर्ट किए जाएंगे तो दोपहर से शाम तक शहर के कुछ हिस्सों में वाहनों को एंट्री नहीं दी जाएगी. प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से व्यवस्था में सहयोग की अपील भी की है. दरअसल गुरु ... Read more
New Year Plan: जंगल में पेड़ पर रहने का रोमांच..! 2022 से यहां पहली बार मिलेगी ट्री-हाउस की ट्रीट
पहाड़ों में सर्दियों का मौसम, हर तरफ हरियाली और जंगल के बीचोंबीच आपको अगर किसी पेड़ पर रात गुज़ारने का अनुभव मिले तो? जी नहीं, ये कोई मचान जैसा या तकलीफ उठाकर जागने जैसा अनुभव नहीं बल्कि कुदरत की खूबसूरती और शांति के बीच चैन से एक सुविधायुक्त घर में रहने जैसा अनुभव होगा. जी हां, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के एक ट्री हाउस की पहल नैनीताल में की गई है. उत्तराखंड में यह पहली बार होगा कि पेड़ पर करीब 40 फीट की ऊंचाई पर बने घर में आनंद लेने का अनुभव भी पर्यटक ले ... Read more