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अन्तरराष्टÑीय महिला दिवस विशेष : कोई पति के निधन पर ढाबा खोल कर बच्चों की कर रही परवरिश तो कोई कर रही जन सेवा

सांगोद।  महिलाएं आज के समाज की एक अहम हिस्सा हैं, हर क्षेत्र और कार्य में महिलाएं पूरी क्षमता के साथ अपना योगदान दे रही हैं। वहीं वर्तमान परिदृश्य में महिलाएं परिवार चलाने से लेकर देश तक को बखूबी संभाल रही है। महिला दिवस को लेकर नवज्योति ने महिलाओं से खास बात की। उन महिलाओं की जो परिवार को संभालने के साथ में बिजनेस, स्कूल और संस्थाएं भी संभाल रही है। इसके अलावा अपने पारिवारिक और सामाजिक जीवन के बीच एक बेहतर सामंजस्य बना रही है।  रचना सिलाई कर बच्चों की अच्छी परवरिश कीरचना गोस्वामी( 6-7 साल से सिलाई करके पूरे ... Read more

कहने को लाडो, असल में ‘लडडू’ ही गोपाल

कोटा। कहने को लाड़ो, असल में लडडू ही गोपाल…, यह मुहावरा नहीं बल्कि समाज के दोहरे चरित्र का आईना है। बेटियों को बराबरी का हक होने का एहसास तो कराया जाता है लेकिन जब साबित करने की बारी आती है तो समानता का आईना दोगलेपन की दरार से तड़क जाता है। आधुनिक युग में आज भी बेटों और बेटियों की शिक्षा में भेद किया जा रहा है। जिसकी गवाही सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का रिकॉर्ड खुद बयां कर रहा है। नवज्योति ने कोटा जिले के करीब 2 हजार सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के पिछले चार सालों ... Read more

समाज का दोहरा रवैया: मुफ्त शिक्षा से बेटी और महंगी फीस से संवार रहे बेटों का भविष्य

कोटा। जिले के सरकारी स्कूलों में लड़कों की संख्या लगातार घट रही है। वहीं, प्राइवेट स्कूलों में तेजी से बढ़ रही है। जबकि, सरकारी में लड़कियों का नामांकन बढ़ रहा तो प्राइवेट में घट गया। इसका एक मात्र कारण अभिभावकों की दोहरी मानसिकता नजर आता है। लोग अब भी बेटों को ही अच्छी सुिुवधा उपलब्ध कराने में रुचि दिखाते हैं। बेटियों को सरकारी में मुफ्त शिक्षा और बेटों को महंगी फीस देकर प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। नवज्योति ने जिले के 2 हजार से ज्यादा सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के पिछले 4 वर्षों के नामांकन का रिकॉर्ड खंगाला तो ... Read more