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असर खबर का – सुबह 7.30 से 11 बजे तक खुलेंगे स्कूल
कोटा। प्रदेश में भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार को कोटा के सभी स्कूलों का समय बदल दिया है। सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में अब प्री-प्राइमरी से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का स्कूल समय सुबह 7:30 से 11 बजे तक का रहेगा। इस संबंध में जिला कलक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें, दैनिक नवज्योति ने 18 अप्रेल को 43 डिग्री तापमान में लू से झुलस रहा बचपन…शीर्षक से खबर प्रकाशित कर प्रशासन को अभिभावकों की चिंता व बच्चों की तकलीफों से रुबरू करवाया था। इस पर जिला प्रशासन ने संज्ञान ... Read more
CEO in the classroom: Colleges snap up c-suite execs in rankings race
Universities are tapping search firms to recruit c-suite level executives and expat academics for the roles of dean, vice-chancellor, business administration head and provost, multiple industry officials said, with the hiring spree already yielding key appointments. “Colleges are recruiting expensive and top talent for these posts so that they are able to increase their funding, get quality research papers done, improve their rankings and up their collaboration with international academic partners and industry as well,” said Suchindra Kumar, partner and leader for education at consulting firm PwC India. Also read | Why elite MBA graduates are struggling to find jobs ... Read more
सरकार और प्राइवेट स्कूलों के विवाद में सैंडविच बना अभिभावक
कोटा। आरटीई के तहत प्री-प्राइमरी कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों की फीस को लेकर सरकार और प्राइवेट स्कूलों के बीच विवाद में अभिभावक पिस रहा है। सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सत्र 2022-23 में निजी स्कूलों में नर्सरी से एचकेजी तक विद्यार्थियों को एडमिशन तो दिलवा दिए लेकिन पुनर्भरण राशि कक्षा-एक से दे रही है। जबकि, निजी स्कूलों द्वारा प्री-प्राइमरी कक्षाओं में अध्ययनरत बच्चों का पुनर्भरण किए जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन, सरकार के हाथ खड़े कर देने से प्राइवेट स्कूल अभिभावकों पर फीस देने का दबाव बना रहे हैं। क्या है मामलासत्र 2022-23 में निजी ... Read more
समाज का दोहरा रवैया: मुफ्त शिक्षा से बेटी और महंगी फीस से संवार रहे बेटों का भविष्य
कोटा। जिले के सरकारी स्कूलों में लड़कों की संख्या लगातार घट रही है। वहीं, प्राइवेट स्कूलों में तेजी से बढ़ रही है। जबकि, सरकारी में लड़कियों का नामांकन बढ़ रहा तो प्राइवेट में घट गया। इसका एक मात्र कारण अभिभावकों की दोहरी मानसिकता नजर आता है। लोग अब भी बेटों को ही अच्छी सुिुवधा उपलब्ध कराने में रुचि दिखाते हैं। बेटियों को सरकारी में मुफ्त शिक्षा और बेटों को महंगी फीस देकर प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। नवज्योति ने जिले के 2 हजार से ज्यादा सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के पिछले 4 वर्षों के नामांकन का रिकॉर्ड खंगाला तो ... Read more