Tag: pithoragarh news
सिर्फ 3 शिक्षकों के भरोसे नेपाल सीमा से लगे इस स्कूल के छात्रों का भविष्य! अधर में 45 स्टूडेंट का भविष्य
हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़. पिथौरागढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे ही चल रही है. पूरे जिले के सरकारी स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं. आए दिन ग्रामीण क्षेत्रों से लोग जिला मुख्यालय संबंधित अधिकारियों को शिक्षकों की तैनाती के ज्ञापन देने पहुंचते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. प्रदेश में अब नया सत्र शुरू हो गया है. नए सत्र में शिक्षकों की तैनाती की राह देख रहे ग्रामीणों के हाथ निराशा ही लगी है. कई बार ग्रामीण शिक्षकों की तैनाती के लिए आंदोलन भी कर चुके हैं. शिक्षकों की तैनाती के लिए नेपाल सीमा ... Read more
खुद का भविष्य बचाने आगे आए पहाड़ के बच्चे, सरकार की यह मांग
पिथौरागढ़: कहते हैं कि शिक्षा और शिक्षक समाज को आगे बढ़ाने का काम करते हैं, लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ों में बिना शिक्षक के हीं छात्रों की पढ़ाई चल रही है. परेशान छात्र अब खुद अपने भविष्य को बचाने आगे आएं हैं. अब ऐसे में छात्रों का भविष्य कैसे बनेगा? ये सोचने वाली बात है. दरअसल, उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी इलाकों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए सरकारी स्कूल खोले गए. समय के साथ इन स्कूलों के माहौल भी बेहतर होते जाना था, लेकिन हुआ इसका उल्टा. धीरे-धीरे पहाड़ के सरकारी स्कूलों के हालत खस्ताहाल होते जा रहे हैं. ... Read more
बाजारों में आसानी से नहीं मिलते ये जंगली फल, स्वाद में गजब तो सेहत में अति उत्तम
03 यह पहाड़ी फल कुमाऊं में घिंगारु, गढ़वाली में घिंघरु और नेपाली में घंगारू के नाम से मशहूर है. छोटे-छोटे लाल सेव जैसे दिखने वाले घिंघरु के फलों को हिमालयन रेड बेरी, फायर थोर्न एप्पल या व्हाइट थोर्न भी कहते हैं. जबकि इसका वानस्पतिक नाम पैइराकैंथा क्रेनुलाटा है. घिंघारू एक औषधीय पौधा है, जिसकी जड़ से लेकर फल, फूल, पत्तियां और टहनियां सभी हमारे लिए उपयोगी है. यह फल सिर्फ 3 माह जून, जुलाई और अगस्त के आसपास ही मिलता है. स्कूली बच्चे और गांव में जंगल जाने वाली महिलाएं इसे बड़े चाव से खाती हैं. घिंघारू के फलों को ... Read more
8km पैदल…बीच में जंगली जानवरों से खतरा; छात्रों ने बताया दर्द, कहा- Plzz हमारे गांव में स्कूल खोल दो
हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़: जनपद पिथौरागढ़ के विकासखंड मुनस्यारी के गांव जोशा, गांधीनगर में स्कूली बच्चे इस कदर मजबूर हो चुके हैं कि वह अब आगे की पढ़ाई नहीं करना चाहते. वजह भी जायज है, क्योंकि पांचवी के बाद उन्हें 4 किलोमीटर दूर जंगलों के रास्ते दूसरे स्कूल पहुंचना होगा. आगे की पढ़ाई के लिए इन छात्रों को 8 किलोमीटर दूर जंगलों के रास्ते जाना पड़ेगा. मुनस्यारी के इस गांव में सिर्फ पांचवी तक के लिए स्कूल है, जहां इस सत्र में 7 बच्चे पास हुए हैं. अब आगे की पढ़ाई के लिए इन्हें दूसरे गांव में जाना पड़ेगा, जो 4 किलोमीटर ... Read more
OMG! उत्तराखंड के 400 से अधिक स्कूलों में केवल एक टीचर, कई बंद होने की कगार पर
हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़: उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था भी सामने आई है. पिथौरागढ़ जिले की बात करें तो यहां ऐसे कई सरकारी स्कूल हैं, जहां शिक्षक ही मौजूद नहीं हैं. कुछ चंद स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो अन्य सभी स्कूल बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं. तो वहीं, सिर्फ एक टीचर के सहारे चलने वाले स्कूलों की संख्या भी काफी ज्यादा है. 439 स्कूलों में मात्र एक टीचरशिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले में 68 इंटरमीडिएट कॉलेज हैं. इनमें से लड़कियों के लिए 7 हैं. इसके अलावा ... Read more
Uttarakhand Board Result: 500 में से मिले 500 अंक… छात्रा ने 10वीं में किया टॉप, नहीं कटा एक भी नंबर
हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़. उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का परिणाम आज घोषित हो गया है. पिथौरागढ़ जिले की गंगोलीहाट जेबीएस इंटर कॉलेज की छात्रा प्रियांशी रावत ने उत्तराखंड की हाई स्कूल परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. प्रियांशी ने हाई स्कूल परीक्षा में 500 में से 500 नंबर लाकर ये मुकाम पाया है. रुद्रप्रयाग के शिवम मलेठा 99.60 परसेंटेज के साथ दूसरे स्थान पर रहे हैं. वहीं तीसरे स्थान पर 99% के साथ पौड़ी गढ़वाल के आयुष हैं. परीक्षा में टॉप करने पर प्रियांशी के परिजनों ने खुशी व्यक्त की है. साथ ही कहा कि उन्हें अपनी बिटिया पर पूरा भरोसा ... Read more
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों के प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन की होड़…सरकारी विद्यालयों के हाथ खाली
हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में सरकारी स्कूलों की दशा साल दर साल खराब होती जा रही है. इस समय स्कूलों में नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया चली हुई है. एक तरफ जहां प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के लिए संस्थान अभिवावकों को रिझाने में लगे हुए हैं, तो वहीं सरकारी स्कूलों में लगातार एडमिशन की संख्या में गिरावट आ रही है. बात अगर पिथौरागढ़ जिले की करें तो यहां शहर के सरकारी स्कूलों में जहां एक समय कक्षा 6 में एडमिशन लेने के लिए भीड़ लगी रहती थी, वहां औसतन 10 बच्चे ही एडमिशन को पहुंच रहे हैं. ... Read more
इसे कहते हैं जुनून… नातियों के साथ नानी सीख रही क, ख, ग, 61 साल की महिला ने कक्षा 1 में लिया एडमिशन
हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़. किसी ने सच ही कहा है कि पढ़ाई करने की कोई उम्र नहीं होती है. एक शुरुआत ही समाज में कई बदलाव कर सकती है. यह सब नेपाल की बुजुर्ग महिला चंतरा देवी ने सच साबित कर दिखाया है. दरअसल उन्होंने 61 साल की उम्र में स्कूल में दाखिला लिया है. चंतरा न सिर्फ अपने नाती और नातिन के साथ रोज स्कूल जाती हैं बल्कि पहली कक्षा में बैठकर पढ़ाई भी करती हैं. चंतरा देवी का मानना है कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती, बस सीखने की ललक होनी चाहिए. यकीनन चंतरा जो कहती हैं, उस ... Read more
पिथौरागढ़ जिले के सरकारी स्कूलों में सिर्फ 13 प्रधानाचार्य, इन विकासखंडों में अब बाबू संभालेंगे स्कूल की कमान
हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में सरकारी स्कूलों की हालत समय के साथ खस्ताहाल होते जा रही है. शिक्षकों को कमी से लगातार सरकारी स्कूलों से जनता का मोहभंग हो रहा है, जिसका असर यह हुआ है कि पहाड़ के अधिकांश दूरदराज वाले इलाकों में छात्र संख्या 10 से कम और कई जगह तो शून्य हो गई है. शिक्षा महकमा सरकारी स्कूलों की स्थिति को सुधारने के लिए अभी तक कोई ठोस नीति नहीं बना सका है. हालात तो यह है कि स्कूल में सबसे महत्वपूर्ण पद प्रधानाचार्य का होता है, जिसका पिथौरागढ़ जिले में काफी टोटा है. ... Read more
उत्तराखंड में पटरी से उतरी स्कूली शिक्षा, प्रभारी प्रिंसिपल के बहिष्कार के बाद बाबूओं के भरोसे स्कूल, प्रिंसिपल की दी गई जिम्मेदारी
Uttarakhand News: उत्तराखंड में प्रभारी प्रिंसिपल के बहिष्कार के बाद बाबूओं ने स्कूलों का जिम्मा अपने सिर ले रखा है. (Photo-News18)